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पहले दिन व्यवस्था के लिए हांफते रहे प्रभारी, नहीं पहुंचे किसान

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ज्ञानपुर। किसानों की उपज को उचित दाम मिले इसलिए सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीदती है। इस बार भी समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए जिले में 30 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर तीन क्रय एजेंसियों के माध्यम से एक लाख 27 हजार 900 टन की खरीद की जानी है। सोमवार खरीद के पहले दिन व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने के लिए केंद्र प्रभारी हांफते नजर आए। कोई नमी मापक यंत्र की व्यवस्था में तो कोई साफ-सफाई में जुटा रहा। जहां व्यवस्था मुकम्मल हो गई वहां किसानों का पूरे दिन इंतजार हुआ। बावजूद इसके कोई किसान नहीं पहुंचा।
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पहले दिन खरीद की तैयारी और शुरूआत की अमर उजाला टीम ने पड़ताल की। खाद्य विभाग के केंद्र जंगीगंज में दोपहर करीब एक बजे तक चार किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे थे, यहां नमी मापक यंत्र और फसल को साफ करने के लिए पंखे की जरूरत थी। उसे लेेने के लिए केंद्र प्रभारी गए थे। केंद्र प्रभारी एसके पांडेय ने बताया कि सभी किसानों से खरीद की जाएगी। कुछ किसान आए हैं उनकी खरीद करायी जा रही है। नमी मापक यंत्र नहीं था वह थोड़ी देर से मिला।
यहां रही यह स्थिति
सुरियावां साधन सहकारी समिति के केंद्र पर सैनिटाइजर, नमी मापक यंत्र, सहित अन्य व्यवस्था मुकम्मल रही। सचिव शिवशंकर यादव ने बताया कि तैयारी तो पूरी है लेकिन किसान अभी नहीं है। यहीं हाल वेदनमनपुर की है। घोसिया किसान सेवा सहकारी समिति (एसएसएस) एवं खमरिया साधन सहकारी समिति का क्रय केंद्र खुल गया है, लेकिन यहां अभी कई कमी है। दोनों केंद्रों के सचिव रामकेश्वर तिवारी व राजकुमार मौर्य ने बताया कि विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया गया है। बावजूद इसके कांटा, पंखा, चलना, नमी मापक यंत्र अभी तक नही मिला है। नारेबाजी केंद्र पर तैयारी पूरी है, लेकिन कोई किसान नहीं पहुंचा।
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अब बंटाईदार किसान भी बेच सकेंगे धान
ज्ञानपुर। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि धान खरीद की व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। शासन से मिले निर्देश के अनुसार पंजीकरण व्यवस्था में अब आधार से लिंक्ड नंबर पर नहीं बल्कि पंजीकरण के दौरान दिए जाने वाले नंबर पर ओटीपी जाएगी। कांट्रेक्टर फार्मर और बंटाईदार किसान भी पंजीकरण कराकर धान बेच सकते हैं। कहा कि सभी केंद्रों पर व्यवस्था कर दी गई है, किसान पहुंचेंगे तो उनकी खरीद की जाएगी।
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