कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी और पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड परीक्षा की तैयारी को दो घंटे तक चली मैराथन बैठक में अंतिम रूप दिया। बैठक में जिलाधिकारी अधिकारियों को बोर्ड परीक्षा नकलविहीन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी में लगे अधिकारियों को आगाह किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को शाम चार बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के साथ जिलाधिकारी व एसपी ने बैठक की। इसके बाद उन्होंने शाम पांच बजे केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि शासन की मंशा है कि बोर्ड परीक्षा शुचितापूर्ण तरीके ेस कराई जाय। ऐसे में जोनल, सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट संग केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी पूर्वक पालन करें। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की देखरेख में डबल लॉक आलमारी से प्रश्नपत्र निकाले जाएंगे। डबल लॉक की एक चाभी केंद्र और दूसरी अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के पास रहेगी। जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट संग सचल दल भ्रमणशील रहेंगे। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि जिले के सभी 90 परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। परीक्षा में व्यवधान पैदा करने वालों पर सख्ती की जाएगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के दौरान केंद्रों के आसपास 100 मीटर की परिधि में धारा 144 प्रभावी रहेगी। ऐसे में परीक्षा के दौरान सौ मीटर परिधि में स्थित फोटो स्टेट, स्कैनर आदि की दुकानें नहीं खुलेंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि सभी जिलों में एसटीएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। अनुचित साधन का प्रयोग करने की आशंका पर केंद्रों पर परीक्षा दे रही छात्राओं की जांच मात्र महिला स्टाफ ही कर सकेंगी। इस मौके पर एडीएम शैलेंद्र मिश्र, एएसपी राजेश भारती, जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।