कालीन नगरी के रूप में विख्यात भदोही में जल्द आरटीपीसीआर जांच की सुविधा मिलेगी। इसके लिए लैब स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। उम्मीद है कि अगले माह से लैब शुरू भी हो जाएगा। इससे अब बीएचयू पर निर्भरता कम हो जाएगी। अभी तक वहां से जांच रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन तक का समय लग जाता है।
16 लाख से अधिक की आबादी वाले जनपद में अभी तक कोरोना की जांच के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। यहां किट के माध्यम से ही जांच होती है। आरटीपीसीआर जांच के लिए स्वैब लेकर बीएचयू भेजा जाता है। इस तरह से आरटीपीसीआर जांच के लिए बीएचयू पर ही निर्भरता है। अब शासन ने भदोही में भी लैब स्थापित करने का फैसला लिया है और इसके लिए धन भी मंजूर कर दिया है। यहां बायो सेफ्टी लेवल-टू (बीएसएल-2) लैब स्थापित किया जाना है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कोरोना की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट बीएचयू लैब से प्राप्त होती है। जहां समस्या आने पर कभी-कभी दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता था। अब जिले में ही आरटीपीसीआर जांच लैब स्थापित होने से शीघ्र रिपोर्ट मिल जाएगी। लैब को सीएचसी भदोही में तैयार किया जा रहा है।