ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने राशनकार्ड नंबर अनिवार्य कर दिया है। जिससे पति और पत्नी में से एक को ही सम्मान निधि का लाभ मिल सके। सम्मान निधि के नए पंजीकरण प्रक्रिया में बिना राशनकार्ड नंबर के पंजीकरण पर रोक लगा दी गई है।
किसानों की आय दोगुना करने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। दिसंबर 2018 से शुरू हुई किसान सम्मान निधि योजना में अब तक दो लाख 11 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें दो लाख एक हजार किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल चुका है, जिसमें भूमिहीन, नौकरीपेशा, पेंशनर, मृतक, आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करीब साढ़े तीन हजार अपात्र शुरूआत से ही सम्मान निधि का लाभ पा चुके। जांच में पता चलने पर सम्मान निधि रोकी गई। ऐसे में अब जब नए किसानों का पंजीकरण शुरू हुआ तो सरकार ने नई व्यवस्था शुरू की।जिसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीकरण के लिए राशनकार्ड का नंबर अनिवार्य किया गया है। उपकृषि निदेशक अरविंद सिंह ने बताया कि बिना इसके लाभ मिलना तो दूर पंजीकरण तक नहीं होगा। वहीं अब खतौनी, आधार कार्ड व बैंक पास बुक तथा घोषणा पत्र की हार्डकापी जमा करने के लिए कृषि विभाग के कार्यालय आने से छुट्टी मिलेगी। क्योंकि किसानों की अधिक संख्या व अभिलेखों को सुरक्षित रखने में हो रही दिक्कतों को लेकर अब पंजीकरण के समय ही पीडीएफ फाइल में किसानों के अभिलेखों का ब्यौरा अपलोड होगा। ताकि जरूरत पड़ने पर आनलाइन उसकी जांच की जा सके और किसानों को बार-बार कागजात न जमा करने पड़े।