फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘न महिला सुरक्षित न उसका सम्मान’

विज्ञापन
कामकाजी महिलाओं पर सेमिनार के अंतिम दिन संबोधित करतीं डा.चंद्रकला त्रिपाठी - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
भदोही। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में कामकाजी महिला विषयक दो दिवसीय सेमिनार का सोमवार को समापन हो गया। अंतिम दिन महिलाओं की समाज में महत्व व बढ़ती जनसंख्या पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि बीएचयू हिंदी विभाग की प्रो.चंद्रकला त्रिपाठी ने कहा कि देश में कामकाजी महिलाओं की परिस्थिति चुनौतियों से भरा है। कहा कि देश में महिला और पुरुष में समानता की बात तो आम है वास्तव में महिला न सुरक्षित है न उसका सम्मान है। उसे अबला समझा जाता है जो उसको कमजोर करने के संकेत देते हैं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि आज समाज की मजबूती व शिक्षित और स्वस्थ, अपराधमुक्त समाज के लिए नारी का सम्मान प्राथमिकता में होनी चाहिए। यह सबको समझना होगा कि नारी है तो समाज है। केएनपीजी ज्ञानपुर के प्राचार्य डॉ.पीएस डोंगरे ने बढ़ती जनसंख्या तथा उससे उपजने वाली समस्याओं पर चर्चा की। कहा जमीन, मकान और सड़कें तो वही पुरानी हैं लेकिन जनसंख्या बेतहाशा बढ़ रही है। सड़कों से आती मोटर कार की शोर, प्रदूषण समस्या और ज्वलंत बना रही है। बढ़ती बेरोजगारी और गरीबी जनसंख्या विस्फोट की ही देन है। उन्होंने कहा कि सबको हम दो-हमारे दो का मंत्र अपनाना चाहिए। कहा पुरुषों के साथ नारी सशक्तीकरण के लिए बच्चियों के शिक्षा को लेकर सभी को गंभीर होना होगा। महिला अत्याचार का सामूहिक विरोध हो।
वक्ताओं ने कहा कि यह तभी संभव होगा जब सभी अच्छे समाज की परिकल्पना को साकार करने का प्रयास करेंगे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॅा. मुरलीधर राम गुप्ता ने धन्यवाद तथा संचालन डॉ.वर्षा रानी सिंह ने किया। प्रो. वृंदावन लाल शर्मा, प्रो.हेरम्ब चतुर्वेदी, प्रो.शीलप्रिय त्रिपाठी, डॉ.विनीता यादव, प्रो.राजीव पांडेय, डॉ.सत्येंद्र प्रसाद, डॅा.बृजेश सिंह, डॉ.राजकुमार, डॅा.यशवीर सिंह, डॅा.रुस्तम अली, डॉ.स्वेता सिंह, डॉ.माया यादव, डॅा.अनीश मिश्र, डॅा.बृजेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

कामकाजी महिलाओं पर सेमिनार के अंतिम दिन संबोधित करतीं डा.चंद्रकला त्रिपाठी- फोटो : BHADOHI

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें