वैश्विक महामारी में आयुर्वेदिक दवाओं की महत्ता बढ़ते ही मरीजों को सुविधाएं मिलने में समस्या सामने आने लगी है। सोमवार को सुबह लगभग 10.15 बजे पहुंचे मरीज एक घंटे तक चिकित्सक का इंतजार करते रहे,, लेकिन ताला नहीं खुलने से उन्हें निराश होकर वापस होना पड़ा।
करीब पांच किलोमीटर दूर से आईं नगीना देवी ने बताया कि वे कई दिनों से खांसी, पैर दर्द से परेशान हैं। करीब 10 किलोमीटर दूर से चलकर आए अलगूराम ने कहा कि वे बुखार, सिर दर्द की बीमारी से पीड़ित हैं। अस्पताल से दवा लेते समय आयुष किट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। कई अन्य मरीज भी ताला नहीं खुलने के कारण लौट गए। आस-पास के लोगों ने बताया कि इन दिनों चिकित्सक सुबह 11 बजे तक आते हैं और एक-दो बजे ही चले जाते हैं। न कोई रात्रि प्रवास करता है और न ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नजर आते हैं। क्षेत्रीय अधिकारी आयुर्वेद वाराणसी भावना द्विवेदी ने बताया कि प्रभारी चिकित्सक विजय कुमार बिंद की तैनाती सेक्टर मजिस्ट्रेट, फॉर्मासिस्ट कोविड ड्यूटी, चौकीदार चुनाव प्रशिक्षण में हैं। इसके चलते मरीजों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों के समय से नहीं पहुंचने की शिकायत की जांच कराई जाएगी।