जिले के खुले बाजारों में महंगे दर पर बिक रहे खाद-बीज पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने ब्लाक वार टीमें गठित कर दी हैं। ब्लाकों में तैनात एडीओ एजी समेत दो सदस्यीय टीमें ब्लाक से जुड़ी छोटी-बड़ी बाजारों में खुली दुकानों पर डीएपी, यूरिया, बीज के नाम पर दुकानदारों की ओर से किए जा रहे आर्थिक शोषण को रोकने में प्रशासनिक सहयोग भी लेंगे।
किसानों ने हेल्पलाइन नंबर 7355335255 पर शिकायत कर आरोप लगाया है कि सहकारिता विभाग द्वारा 30 सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 30 टन खाद की बिक्री निर्धारित दर 1200 रुपये प्रति बोरी कराया जाता है। खुले बाजार में आने वाली उसी डीएपी खाद का नाम बदलवाकर संस्थाएं दुकानदारों से 1400 रुपये प्रति बोरी बेचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। समितियों पर बढ़ती भीड़ से बचने के लिए लघु एवं सीमांत किसान बाजारों में महंगे दर पर खरीदारी कर बुआई के बाद सिंचाई आदि की तैयारियों में है। किसान यशवंत सिंह, दिनेश तिवारी, लवकुश नारायण, कृपाशंकर आदि ने बताया कि जब महंगे दर का विरोध करने की हिम्मत जुटाई जाती है उस समय दुकानदार विभागीय पकड़ मजबूत होने की बात कहकर वाहन भाड़ा का खर्च निकालने की बात करते हैं। जबकि दो दिन पूर्व ही भदोही नगर से सटे एक दुकानदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के समय वाहन भाड़ा की बात सामने आई थी, जिस पर विभाग के अधिकारी उस पर न कुछ कह सके और न अन्य जिम्मेदार।
किसान मोहन सिंह, भगंतूराम निवासी चौरहटा ने कहा कि विभाग खाद और बीज के लिए अलग-अलग लाइसेंस जारी करता है, लेकिन दुकानदार मिलीभगत से एक लाइसेंस पर चार-पांच दुकानों का संचालन अलग-अलग बाजारों में करते हैं। जिला कृषि अधिकारी एके प्रजापति ने बताया कि जिले में खाद के लिए 200 तो बीज के 190 लाइसेंसधारक हैं। बिना लाइसेंस की खुली दुकानों पर ओवररेटिंग का मामला सामने आया है। इस पर रोकथाम लगाने के लिए ब्लाक औराई, डीघ, ज्ञानपुर, सुरियावां, अभोली, भदोही में तैनात एडीओ एजी के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई है, जो बुआई से पहले उपयोग में आने वाली डीएपी खाद 1200 रुपये प्रति बोरी से अधिक बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करेगी।