ज्ञानपुर। जिले में खिलाड़ियों की कमी नहीं है लेकिन उनको सही तकनीक सिखाकर अर्जुन बनाने वाले द्रोणाचार्य जैसे गुरु ही नहीं है। मूंसीलाटपुर जिला स्टेडियम में कुछ ऐसा ही हाल है। यहां खिलाड़ी अभ्यास तो कर रहे हैं पर उनके पास कोई ऐसा प्रतीक गुरु भी नहीं, जिसे आदर्श मानकर एकलव्य जैसी साधना कर सकें। यहां 285 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं लेकिन क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबाल और खो-खो जैसे खेलों में कोच ही नहीं है।
जिलाधिकारी गौरांग राठी खुद लगातार खेल सुविधाओं के विकास के लिए प्रयासरत हैं। जिला स्टेडियम के पास ही राष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंगपूल बनाने की योजना पर काम चल रहा है। स्टेडियम में क्रिकेट, वॉलीबाल, फुटबाल, हॉकी, एथलेटिक्स, कुश्ती, बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, खो-खो, हैंडबाल आदि खेलों में 285 खिलाड़ी पंजीकृत हैं। क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉलीबाल और खो-खो के कोच हीं नहीं है। पूर्व क्रीडाधिकारी के समय यहां पर तमाम क्रिकेट में खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद क्रिकेट कोच का पद भी खाली हो गया। जिला क्रीडा अधिकारी अभिज्ञान मालवीय ने बताया कि जिन खेलों में कोच नहीं होते हैं, उनका प्रस्ताव बनाकर शासन से भेजा जाता है। खिलाड़ियों की संख्या के अनुसार शासन स्तर से कोच की नियुक्ति की जाती है। उम्मीद है कि इस साल जिस खेलों में कोच की आवश्यकता है, वे मिल जाएंगे।
जिला क्रीडा अधिकारी ने बताया कि जिस खेलों में कोच नहीं है। उसमें अगर कोई खिलाड़ी पंजीकरण के लिए आता है तो उसे पहले ही इसकी जानकारी दी जाती है। खिलाड़ी की इच्छा होने पर ही उनका पंजीकरण कराया जाता है। बताया कि तमाम खिलाड़ी बिना पंजीकरण के भी स्टेडियम में खेलने आते हैं, लेकिन उन्हें रोका नहीं जाता है, क्योंकि यहीं युवा हमारे भविष्य हैं। उनकी जहां तक हो सकती है मदद की जाती है।
किस खेल में कितने खिलाड़ी
हॉकी-62
एथलेटिक्स-50
कुश्ती-30
हैंडबॉल-25
बॉक्सिंग-5
फुटबाल-40
कबड्डी-25
क्रिकेट-50
बैडमिंटन-04
बॉलीबाल-15
खो-खो-4