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आत्मनिर्भर बनेंगी बेटियां तो तरक्की करेगा देश

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मंगलवार को जिले के शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों की ओर से गोष्ठी एवं कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें महिला सशक्तिकरण संग उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक बेटियां आत्मनिर्भर नहीं होंगी, तब तक देश तरक्की की राह पर आगे नहीं बढ़ पाएगा।
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काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में महिला दिवस पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र गोरखपुर की गृह विज्ञान विषय विशेषज्ञ डॉ. श्वेता सिंह ने गृह विज्ञान के पांचों क्षेत्रों भोजन एवं पोषण, वस्त्र विज्ञान, प्रसार शिक्षा, मानव विकास और संसाधन प्रबंधन की जानकारी दी। गृह विज्ञान प्रभारी डॉ. ईरा त्रिपाठी ने समाज में लैंगिक समानता के बारे विचार व्यक्त किया। दयावंती पुंज डिग्री कॉलेज, सीतामढ़ी में विविध आयोजन हुए। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अंजलि सिंह ने शुभारंभ किया। छात्र-छात्राओं ने चित्र प्रदर्शनी, स्लोगन, गीत, कविता और भाषण आदि की बेहतर प्रस्तुति दी। सभी ने एक स्वर में माना कि महिलाएं अपने अंदर की शक्ति को पहचानेंगी, तभी वह आगे बढ़ सकती हैं। प्राचार्य ने समाज में हो रहे महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता भी जताई। संचालन हिंदी विभाग के सह. आचार्य डॉ. अरविंद उपाध्याय ने किया।
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां में आयोजित गोष्ठी में महिला सशक्तिकरण पर बल दिया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विश्वेंदु द्विवेदी ने महिलाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. रेखा सिंह ने आधी आबादी के आर्थिक स्वावलंबन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण वाटिका, सिलाई - कढ़ाई तथा प्रसंस्करण के क्षेत्र में कार्य करके महिलाएं अपने परिवार और दूसरी युवतियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन कर उदाहरण प्रस्तुत करें। इस मौके पर एके चतुर्वेदी, डॉ. गोविंद कुमार चौधरी, एमके पांडेय, सर्वेश बरनवाल आदि मौजूद रहे। गंगामणि शकुंतला देवी जनसेवा ट्रस्ट के पुरुषोत्तमपुर स्थित कार्यालय पर प्रमुख ट्रस्टी सतीश कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में गोष्ठी हुई। इसमें महिलाओं के प्रति बढ़ती पारिवारिक हिंसा एवं उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता जताई गई। खुशबू उपाध्याय और सरिता देवी ने कहा कि केंद्र-प्रदेश की सरकारें महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए कार्यक्रम चला रही हैं। कम पढ़ी लिखी महिलाओं को अपने आर्थिक विकास के लिए वृक्षारोपण, जड़ी बूटी की खेती, मधुमक्खी पालन, सिलाई, बुनाई एवं अन्य कार्यक्रमों से जुड़कर आर्थिक पिछड़ापन दूर करने का प्रयास करने पर जोर दिया। शहीद नरेश इंटर कॉलेज में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में सेहर नूरी, जूनियर वर्ग में आकांक्षा प्रथम रहीं। इस मौके पर प्रबंधक दीनानाथ बरनवाल, प्रधानाचार्य अवधेश कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे। उधर, केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की तरफ से महिला दिवस पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें 80 स्वयंसेवी संस्थाएं शामिल हुईं। मुख्य अतिथि डॉ. प्रतिमा गोंड ने कहा कि हमें आधी आबादी के रूप में अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक चेतना की जरूरत है। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. बृजकिशोर त्रिपाठी, अनुज कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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