राष्ट्रीय खेल दिवस पर स्टेडियम मूंसीलाटपुर में मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण करते खिलाड?
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ज्ञानपुर। मूंसीलाटपुर स्थित जिला स्टेडियम में शनिवार को हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई गई। खिलाड़ियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।
उप जिला क्रीड़ा अधिकारी धर्मवीर सिंह ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का मूल नाम ध्यान सिंह था। उनके मित्रों से उन्हें ‘चंद’ उपनाम मिला था, क्योंकि वे रात्रि में चंद्रमा की प्रतीक्षा करते थे कि कब चंद्रमा निकले और हम उसकी चांदनी रात में अभ्यास करें। उन्होंने बताया कि चांदनी रात में सारी - सारी रात मेजर ध्यानचंद जी अभ्यास किया करते थे। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि टूटी हॉकी से अपने खेल कैरियर को शुरू कर विश्व के सर्वश्रेष्ठ सेंटर फॉरवर्ड बने मेजर ध्यानचंद जी हॉकी के जादूगर कहलाए। मेजर ध्यानचंद जी अपने खेल कॅरियर में बतौर कप्तान भारत को तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाए। उन्होंने अपने 22 वर्ष के खेल कॅरियर के दौरान 400 से अधिक गोल किए। मेजर ध्यानचंद की जयंती पर शिक्षक अशोक ने 1055 वें दिन जामुन के पौधों का पौधरोपण किया। इस मौके पर एथलेटिक्स कोच सुनील कुमार, हॉकी कोच कमल कुमार, खेल अनुदेशक प्रभात कुमार आदि रहे।