कालीन नगरी भदोही में शुक्रवार से मंदिरों और पंडालों में गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे सुनाई देंगे। इसके लिए कलाकारों ने प्रतिमाओं का अंतिम रूप दे दिए है। विभिन्न रंगों से प्रतिमाओं को सजीव चित्रण किया गया है। जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। जिले में करीब 100 मूर्तियां स्थापित होगी।
गणेश चतुर्थी का पर्व 10 सितंबर को मनाया जाएगा। कलाकारों ने गणेशोत्सव को लेकर कुछ मूर्तियां पूरी तरह से तैयार की है तो कुछ को कलाकार अंतिम रूप में जुटे रहे । वहीं मूर्तियों की डिमांड बढ़ गई है। कई श्रद्धालु भगवान गणेश की मूर्ति खरीदकर ले जा चुके है, तो कई खरीदकर भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा को 10 सितंबर को स्थापित करेंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं में गणेश चतुर्थी पर्व बनाने को लेकर उत्साह है। भक्तों ने अपने अपने तरीके से गणेशोत्सव मनाने के लिए तैयारी में जुट चुके है। गणेश उत्सव को लेकर कलाकारों ने दो से पांच फुट तक की मूर्ति तैयार की गई है। जिसकी कीमत छह सौ से लेकर छह हजार तक है । ढेड़ फुट, दो फुट पांच फुट, की मूर्ति विशेष आकर्षण का केंद्र है।
मूर्ति का अंतिम रूप दे रहे भदोही के रावपुर निवासी मूर्तिकार क्रिस्टो पाल का कहना है कि गणपति पूजा के चार माह पहले से ही मूर्तियां तैयार होने लगती है। मूर्ति तैयार करने की सामग्री काफी महंगी है। इसकी वजह से मूर्तियों की उचित कीमत रखी गई है। मूर्ति को तैयार करने में लाल, पीला, हरा, काला व सफेद रंग का इस्तेमाल किया जाता है। कहा कि पांच फुट के मूर्ति की कीमत पांच से छह हजार है। छोटी मूर्तियों को भी बनाया गया है जिसकी कीमत छह सौ से लेकर तीन हजार तक है। 40 प्रतिमाओं की मांग की गई थी, जिसमें से 20 मूर्तियां बना सकें हैं।