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गंगा का जल स्तर 78 मीटर के पार, किसानों की चिंता बढ़ी

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सीतामढ़ी। जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ते रहने से अब गंगा में उफान है। शुक्रवार को चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा के जल स्तर में वृद्धि हो रही है। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बांधों से नदियों में पानी छोड़े जाने के कारण गंगा के जल स्तर में हो रही है। कटान तेज होने के कारण उपजाऊ भूमि गंगा में समा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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गंगा का तटवर्ती कोनिया क्षेत्र में कटान होने के कारण किसानों की नींद उड़ गई है। गौरतलब हो कि छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थान सिंह आदि तटवर्ती गांवों में गंगा की तेज धाराएं किसानों की जमीनों को निगलने लगी हैं। सीतामढ़ी घाट की कई सीढ़ियां गंगा में डूब गईं हैं। उड़िया बाबा आश्रम के नींव तक बाढ़ का पानी हिलोरे मारने लगा है। जबकि बनकट गांव स्थित बाबा धवासा नाथ महादेव मंदिर की दर्जन भर सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। जिला प्रशासन गंगा में उफान को देखते हुए नौका संचालन पर रोक लगा दिया है। इसी तरह डीघ, बनकट, नारेपार, बारीपुर आदि गंगा तटीय गांवों में भी आंशिक कटान शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शाम 4 बजे गंगा का जल स्तर 78.030 मीटर तक पहुंच गया। जल स्तर में चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि हो रही है।
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गंगा का जल स्तर 78 मीटर के पार, किसानों की चिंता बढ़ी
कटान का क्रम जारी, गंगा से प्रभावित 193 गांवों में अलर्ट
जलस्तर के बाद नौका संचालन पर भी लगी रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
सीतामढ़ी। जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ते रहने से अब गंगा में उफान है। ऐसे में बाढ़ के पानी से गंगा में पानी ही पानी दिखने लगा है। दरअसल गंगा के जल का प्रवाह काफी तेज गति से हो रहा है। जबकि पहाडों के बारिश के पानी के साथ यमुना सहित टौंस आदि नदियों का पानी भी गंगा में छोड़े जाने से गंगा के जल स्तर में भारी बृद्धि हो रही है।
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वहीं दूसरी जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गंगा का तटवर्ती कोनिया क्षेत्र के गंगा कटान वाले गावों के किसानों की नींद हराम होने लगी है। गौरतलब हो कि छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थान सिंह आदि तटवर्ती गावों में गंगा की तेज धाराएं किसानों की जमीनें तेजी से निगलने लगी हैं। नतीजतन कटान शुरू होते ही धरती पुत्रो की बर्बादी भी शुरू हो गयी है। इस क्रम में शुक्रवार को दोपहर में 6 सेमी. प्रति घंटे के रफ्तार से बढ़ रहा पानी धार्मिक स्थल सीतामढ़ी के मुख्य गंगा घाट की कई पक्की सीढ़ियों के ऊपर बहने लगा है। इसी तरह उड़िया बाबा आश्रम के नींव तक बाढ़ का पानी हिलोरें मारने लगा है। जबकि बनकट गांव स्थित बाबा धवासा नाथ महादेव मंदिर की दर्जन भर पक्की सीढियां पानी मे डूब गयी हैं।
इसके अलावा गंगा में बाढ़ और धारा में ऊफान को देखते हुए गंगा में नौका संचालन रोक दिया गया है। इसी तरह डीघ, बनकट, नारेपार, बारीपुर आदि गंगा तटीय गावों में भी आंशिक कटान शुरू हो गया है। गंगा की तेज धाराओ में बड़ी संख्या में जलीय पौधे बहते देखे जा रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी मीटर गेज कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शाम 4 बजे गंगा का जल स्तर 78.030 मीटर तक पहुंच गया। जल स्तर में 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की बृद्धि हो रही है।
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महादेव शुक्ला-अब्दुल वहीद
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