गंगा में नौका संचालन बंद
बढ़ते जलस्तर के कारण नौकाओं का संचालन सुबह से ही बंद कर दिया गया है। सीतामढ़ी में उड़िया बाबा के आश्रम का नींव पानी में डूब गया। बारीपुर गंगा में बने बंधे के नाले से बाढ़ का पानी किसानों के खेतों की ओर जाने लगा है। नारेपार और बारीपुर के मल्लाह बस्ती के नजदीक बाढ़ का पानी आ चुका है।
अधिशासी अभियंता नहर सुधीर कुमार पाल ने कहा कि पश्चिमी यूपी में बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। चेतावनी बिंदु 80 मीटर से अब केवल एक मीटर नीचे पानी है। कुछ गांवों में आंशिक कटान की सूचना है।
उफनाई गंगा और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीतामढ़ी और धनतुलसी सहित नौका संचालन वाले गंगा घाटों पर नाव के संचालन पर रोक लगा दिया है।
नौका संचालन बंद होने से गंगा आर पर आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उफनाई गंगा के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने उचित कदम उठाते हुए नौका संचालक पर रोक लगा दिया है। यह रोक जलस्तर घटने तक जारी रहेगा। शनिवार को क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और लेखपाल दिवाकर यादव ने सीतामढ़ी गंगा घाट पर पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
बाढ़ चौकियां अलर्ट, बढ़ाई निगरानी
गंगा के जलस्तर में अचानक हुए बढ़ोत्तरी के बाद तटवर्ती इलाकों की चिंता बढ़ गई है। तटवर्ती इलाकों में स्थापित 22 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। जहां तैनात मजिस्ट्रेट 24 घंटे एक-एक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। जिले में गंगा के तटवर्ती इलाके मवैयाथान सिंह, इटहरा, छेछुआ, भुर्रा समेत औराई के क्षेत्र के तटिय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि प्रशासन के अनुसार फिलहाल खतरे की आशंका नहीं है। एक-एक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।