कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन किया गया। आजादी के अमृत महोत्सव और चौरी चौरा शताब्दी समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की संस्कृति और सभ्यता पर प्रकाश डाला गया।
डीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश गंगा-जमुनी तहजीब की भूमि है। हमारी सभ्यता संस्कृति, बोल-चाल, पोशाक एवं सामाजिकता ही हमारी ताकत है। उन्होंने आर्थिक विकास के पहले सामाजिक विकास पर बल देते हुए सोच में बदलाव और बदलते उत्तर प्रदेश के विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कृषि, संस्कृति, खेलकूद सहित अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले पांच-पांच लोगों को सम्मानित भी किया। राजकीय विद्यालय महुआपुर के संगीत शिक्षक राहुल ने जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती हैं बसेरा, वह भारत देश है मेरा गीत गाकर परंपरा और संस्कृति पर बल दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वापुर ज्ञानपुर के छात्र ओजस ने सामान्य परिचय के विविध आयामों के बारे में बताया। छात्रा अप्रिता गौतम ने नारी सशक्तीकरण पर विचार व्यक्त किया। जीआईसी की डॉ. सरोज गुप्ता ने प्रदेश की वैभवशाली विरासत पर बल देते हुए माटी कला, महिला सम्मान एवं प्रगति पथ पर बढ़ते यूपी के बारे में जानकारी दी। काशी नरेश राजकीय महाविद्यालय ज्ञानपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. भारतेंदु द्विवेदी, इतिहास विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कामिनी वर्मा ने प्राचीन काल से लेकर 21वीं शताब्दी तक के प्रदेश के विकास पर प्रकाश डाला। इस मौके पर सीडीओ भानु प्रताप सिंह, डीडी कृषि अरविंद सिंह, हरेंद्र प्रताप, बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह, राकेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, गोपीगंज नगर के प्रमुख पौराणिक, धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम में सोमवार को प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया गया। जिला पंचायत सदस्य मुनेश्वर प्रसाद गुप्त ने केक काटकर खुशहाली की कामना की। पुजारी मिठाई लाल गिरी और शंकराचारी दुबे ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान कराते हुए दर्शन और आरती पूजन कराया। इस मौके पर गिरीश गिरी, राजेश राय, सोहनलाल गुप्त, सुभाष पाल, गोपाल शर्मा, संजय यादव आदि मौजूद रहे।