ज्ञानपुर। एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें जनसुनवाई पोर्टल, समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की गई। एडीएम ने कहा कि शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण तरीके से निस्तारण हो। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित रहने पर चार ईओ समेत आठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं उच्चाधिकारियों की तरफ से समय–समय पर आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त संदर्भों के निस्तारण एवं गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त संदर्भों का निस्तारण संबंधित अधिकारी तत्काल करें और शिकायतकर्ता से फोन पर भी संपर्क करें, जो अधिकारी शिकायतों के प्रति गंभीर नहीं है और शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में जा रही हैं। ऐसे अधिकारियों का वेतन तो रोका ही जाएगा और उनके प्रति विभागीय कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। आईजीआरएस की बैठक में अनुपस्थित रहने व शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर एडीओ पंचायत भदोही, जिला होमगार्ड कमांडेड, तहसीलदार भदोही, जिला प्रोबेशन अधिकारी, अधिशासी अधिकारी घोसिया, खमरिया, नई बाजार, सुरियावां को स्पष्टीकरण देने निर्देश दिया। शिकायतों का समय से निस्तारण न करने पर जिला पूर्ति अधिकारी का वेतन रोकने का निर्देश संबंधित अधिकारी को दी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों की तरफ से प्रत्येक बृहस्पतिवार जनसंवाद दिवस में असंतुष्ट आए सभी शिकायत कर्ताओं की शिकायतों का निस्तारण शत-प्रतिशत करना सुनिश्चित किया जाए। अक्टूबर में टॉप फाइव सबसे अधिक शिकायत प्राप्तकर्ता अधिकारीवार जारी सूची. में तहसीलदार ज्ञानपुर, पूर्ति निरीक्षक भदोही, ज्ञानपुर, औराई के खिलाफ एडीएम ने नाराजगी जताई। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल्दबाजी में शिकायत का निस्तारण न किया जाए। भूमि के विवादित प्रकरणों में यदि किसी न्यायालय में वाद विचाराधीन है तो वाद का संपूर्ण विवरण यथा न्यायालय का नाम, वाद संख्या, सुनवाई की अगली तिथि इत्यादि अंकित कर के आख्या अपलोड की जाए। इस मौके पर एडीएम न्यायिक एसएन सिंह, एसडीएम भदोही शिव प्रकाश यादव, डीएफओ नीरज आर्य, डीडी कृषि अश्वनी कुमार सिंह आदि रहे।