कोच को अलग देख आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और कोच में बैठे यात्री किसी अनहोनी के भय से उतरने लगे। इतना रहा कि यार्ड को पार करते समय एक्सप्रेस की रफ्तार कम होने से कोई अनहोनी नहीं हो सकी और चालक दल ने एक्सप्रेस को यार्ड में ही रोक लिया।
अप विभूति एक्सप्रेस भी 45 मिनट तक ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। कपलिंग जोड़ने के बाद ही डाउन दानापुर एक्सप्रेस वाराणसी की ओर रवाना हुई। स्टेशन अधीक्षक पीसी राम ने बताया कि मामले में किसी तरह का मेमो नहीं मिला है। सिर्फ एक्सप्रेस के यार्ड में प्रवेश करने और कपलिंग जोड़ने के बाद गतंव्य की बढ़ाने का समय परिचालन रजिस्टर में दर्ज है।
गेट न खुलने से जाम रहा दरवांसी-चंदापुर मार्ग
मंडुवाडीह-रामबाग रेल खंड पर स्टाफ की कमी का खामियाजा राहगीरों को झेलना पड़ता है। एक्सप्रेस ट्रेनों का आवागमन करते समय कपलिंग टूटने, बेयरिंग एक्सल हीट होने, आग लगने पर गेटमैन ही परेशान होते हैं। कारण यह है कि स्टेशनों पर दो माह तक तैनात रहने वाले अतिरिक्त स्टाफ अन्यत्र भेज दिए गए हैं या उपलब्ध ही नहीं है।
रविवार को दोपहर डाउन दानापुर एक्सप्रेस का कपलिंग लाक खुलने के चलते दो भाग में बंटे एसी कोच तब तक पश्चिमी गेट संख्या 45सी को जाम रखा, जब तक एक्सप्रेस को गेटमैन गतंव्य की ओर रवाना नहीं करा दिए। गेट से होकर राजमार्ग, तटवर्ती क्षेत्र कोनिया को जोड़ने के लिए दरवांसी मार्ग मुख्य है। स्टेशन अधीक्षक पीसी राम ने कहा कि स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए मंडल वाराणसी को लिखा जा चुका है।