जर्जर सड़कों की मरम्मत को लेकर शासन गंभीर है, लेकिन विभागीय अफसर सरकार की छवि को पलीता लगा रहे हैं। करीब पांच साल से दो प्रमुख मार्गों की सुध न लेने से लोगों में नाराजगी है। लोग 24 अक्तूबर को मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत करने की तैयारी में हैं।
भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अखिलेश प्रकाश पाल ने सवाल उठाए। कहा कि सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद सड़कों की दशा और दिशा सुधारने का दावा तो किया गया, लेकिन साढ़े चार साल बाद भी अधिकतर ग्रामीण सड़कों की हालत ठीक नहीं है। भदोही के मूंसी-पिपरिस मार्ग और भदोही के स्टेशन रोड से गंगारामपुर, पिपरिस होते हुए मुख्यालय मार्ग मरम्मत न होने से ध्वस्त हो चुकी है। इससे 10 से अधिक कालीन कंपनी में काम करने के लिए आने वाले मजदूर संग 25 गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। डिप्टी सीएम से लेकर आला अधिकारियों तक इसकी शिकायत की गई, लेकिन अब तक ध्यान नहीं दिया गया जबकि उक्त मार्ग पर आईटीआई कॉलेज, इंटर कॉलेज, चार सरकारी स्कूल हैं। प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राओं संग शिक्षिकाओं का आना-जाना रहता है। दो माह पूर्व स्कूटी फिसलने से दो शिक्षिकाएं घायल हो गई थी। सड़क न बनने से आईटीआई और इंटर कॉलेज जाने वाली छात्राओं में नाराजगी भी है। भाजपा नेता ने डिप्टी सीएम को पत्र लिखने के साथ ट्विट किया। सांसद रमेश चंद्र बिंद ने सड़क के मरम्मत का निर्देश भी दिया। भाजपा नेता संग ग्राम प्रधान ह्दय नारायण सरोज ने कहा कि सड़क न बनने पर ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एसबी राव ने कहा कि उक्त दोनों सड़क नवीनीकरण में शामिल है। जल्द ही दोनों की मरम्मत करा दी जाएगी।