जिले में डेंगू की एंट्री हो चुकी है। डेंगू के चार केस मिले हैं। केस मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट मोड पर आ गई है। विभाग के अनुसार जिन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनके गांव में टीम भेजकर दवाओं का छिड़काव कराने के साथ ही आरआरटी टीम निगरानी भी कर रही है। डेंगू के डंक को लेकर विभाग इस बार पहले से ही पुख्ता तैयारियों का दावा कर रहा है।
मानसून सीजन का आखिरी समय आते-आते जिले में संक्रामक बीमारियां पैर पसारने लगती हैं। इन दिनों में जिले में हर दिन 400 से 500 टायफाइड के मरीज मिल रहे हैं। वहीं मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। इस बीच जिले में डेंगू ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। जिले में डेंगू के चार मरीज मिल चुके हैं। हालांकि ये मरीज प्रयागराज और लखनऊ रहते हैं, लेकिन इनका भदोही आना-जाना रहता है।
बीते साल अगस्त के आखिरी सप्ताह में ही डेंगू का पहला मरीज मिला था। इसके बाद डेंगू मरीज मिलने का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि एक दशक का रिकॉर्ड टूट गया और 280 डेंगू के केस सामने आए। बीते साल मिले रिकॉर्ड केस के बाद विभागीय टीम पहले ही अलर्ट मोड में थी। संचारी रोग अभियान के साथ 84 डेंगू बेड आरक्षित किए जाने और छह आरआरटी टीम के गठन के साथ 20 हॉटस्पॉट भी चिह्नित कर लिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दावा है कि इस साल डेंगू से निपटने की पुख्ता तैयारी है। खास बात है कि बीते साल जिले में जहां एक भी एलाइजा मशीन नहीं थी। वहीं इस साल भदोही सीएचसी और जिला अस्पताल में एलाइजा मशीन भी लग चुकी है। इससे इस बार जांच रिपोर्ट मिलने में देरी भी नहीं होगी।
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इन-इन गांवों में मिले डेंगू के मरीज
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गोपीगंज नगर के मजार, अभोली के कनकपुर, अभोली बाजार और गिराई गांव के एक व्यक्ति की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव मिली है। जिले में चार डेंगू केस मिलने के बाद विभागीय टीम अलर्ट मोड में आ गई है। जिन-जिन गांवों में डेंगू मरीज मिले हैं। वहां आरआरटी टीम तैनात कर दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
डेंगू के लक्षण
-अचानक तेज बुखार (105 डिग्री)
-गंभीर सिरदर्द
-आंखों के पीछे दर्द
-गंभीर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
-थकान
-जी मिचलाना
डेंगू से ऐसे करें बचाव
-शरीर को जितना हो सके उतना ढकने वाले कपड़े पहनें
-लोशन या मच्छर भगाने वाले स्प्रे का इस्तेमाल करें
-घर के आस-पास साफ़-सफ़ाई रखें
-डॉक्टर द्वारा सुझाए गए टीके लगवाएं
-अगर सोने के क्षेत्र में जाली या एयर कंडीशनिंग नहीं है, तो मच्छरदानी का उपयोग करें।