भदोही पुलिस की गिरफ्त में हत्या का आरोपी
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उपेंद्र ने बताया कि एक साल पहले उसकी मुलाकात किशोरी से बनारस में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी। हाल के दिनों में पता चला कि किशोरी का प्रेम संबंध उसके पड़ोस के लड़के से भी है। उपेंद्र ने आपत्ति जताई मगर किशोरी पर कोई फर्क नहीं पड़ा। इससे नाराज उपेंद्र ने प्रेमिका की हत्या करने की ठान ली। साजिश के तहत एक सितंबर को उपेंद्र ने किशोरी को अपने कमरे पर बुलाया और गला दबाकर हत्या कर दी।
राज छुपाने के लिए रात नौ बजे शव को बक्से में भरकर अपनी बाइक के पीछे बांधकर कॉलोनी से निकल गया। शव फेंकने के लिए सुरक्षित ठिकाना ढूंढ़ते-ढूंढ़ते देर रात भदोही के लाला नगर टोल प्लाजा के पास आ गया। टोल प्लाजा के पास खेत की झाड़ियों में बक्सा गिरा दिया। किशोरी की शिनाख्त न हो सके इसके लिए उसने बाइक से पेट्रोल निकालकर चेहरा जला दिया।
दो सितंबर को स्थानीय लोगों ने बक्सा और उसमें अधजली लाश देखी। एसपी ने कहा कि इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस टीम काफी लोगों से मिली और हत्यारे को गिरफ्तार किया। मामले का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस उपनिरीक्षक विंध्याचल मंडल व एसपी की ओर से 25-25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना के अनावरण में ऑपरेशन त्रिनेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बताया कि यह पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर था, लेकिन ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत जगह-जगह लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की मदद से इसके खुलासे में मदद मिली। लालानगर टोल प्लाजा के पास कन्हैयालाल गुप्ता की मिठाई की दुकान के आगे लगे सीसीटीवी में आरोपी की बाइक स्पष्ट रूप से दिखाई दी थी। वह
वाराणसी की ओर से आता दिखा था। इसके बाद सीसी कैमरे की फुटेज वाराणसी तक जांची गई तो पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। मंडुआडीह थाने की पुलिस की मदद ली गई।