जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी, घटतौली, होमडिलवरी बंद होने, रिसावयुक्त सिलिंडर देने का मामला तूल पकड़ने लगा है। न एजेंसी संचालकों पर आपूर्ति विभाग का शिकंजा कस पा रहा है और न ही संबंधित पेट्रो कंपनियों के क्षेत्रीय नोडल अधिकारियों का। उपभोक्ताओं ने मामले में की जा रही मनमानी पर रोक लगाने की मांग डीएम से की है।
उपभोक्ता राधा देवी ने आरोप लगाया है कि आपूर्ति विभाग के आंकड़े में जिले में कुल 55 एलपीजी गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। जो उज्जवला योजना के साथ सामान्य उपभोक्ता को घरेलू, कामर्शियल सिलेंडर देने की जिम्मेदारी संभाली हैं। उर्मिला देवी का आरोप है कि कहने के लिए एजेंसियां हैं लेकिन सुरियावां ब्लाक में खोजने पर नहीं मिलेंगी। पड़ोसी जिला जौनपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर के साथ ब्लाक अभोली, भदोही अंतर्गत कार्यरत एजेंसियों के लोग मजबूरी का लाभ उठाकर मनमानी कर रहे हैं। मीरा देवी, लालती देवी सीधा आरोप लगाया है कि उपभोक्ताओं तक होमडिलवरी के शर्त पर पासबुक बनवाया है, लेकिन कभी होमडिलवरी नहीं हो रही है। एक-दो किलोमीटर दूर स्थित बाजार, तिराहा-चौराहा पर पहुंच कर ही लेना पड़ता है। समस्या उस समय जटिल हो जाती है जब एक-दो किलोग्राम गैस कम और रिसावयुक्त सिलेंडर मिलता है। राजेश कुमार, अशोक कुमार आदि ने आरोप लगाया कि वर्तमान में एलपीजी हर वर्ग की जरुरत बन चुकी है। किसी परिवार में पुरुष वर्ग के न रहने पर अगल-बगल के लोगों से मनुहार कर सिलिंडर मंगाया जाना विवशता रहती है जिसका लाभ एजेंसी संचालक उठाते हैं। एक सप्ताह में समस्या का समाधान न होने पर उपभोक्ता विरोध-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
आईओसीएल के क्षेत्रीय नोडल अधिकारी प्रयागराज मो.गुफरान हसीब ने कहा कि भदोही जिले में इण्डेन के कुल तीन लाख उपभोक्ता और 27 एजेंसिया हैं। ऐसे में उपभोक्ता लिकेज के लिए हेल्पलाइन नंबर 1906, अन्य शिकायतों के लिए 9718804395 दर्ज करा सकते हैं। रिसाव से होने वाली घटनाओं के सवाल पर उन्होंने बताया कि 24 घंटे के अंदर नोडल अधिकारी को सूचना मिल जानी चाहिए। तभी उपभोक्ता के हित में मुआवजा मिलना संभव होता है। सेफ्टी क्लीनिक शिविर में उपभोक्ताओं को एलपीजी को चलाने, रखरखाव के लिए जागरुक किया जाता है जो अनलॉक में शीघ्र ही शुरू की जाएगी। यदि एजेंसी संचालक शिकायत का निवारण करने में मनमानी कर रहे हैं तो यह चिंता का विषय है। दो दिन में निरीक्षण कर स्थिति देखी जाएगी।