लगभग 10 वर्ष से पांच सौ जर्जर नहर पुलों व पुलियों के निर्माण का मामला लोगों ने डीएम तक पहुंचा कर विभाग के अधिकारियों की बेचैनी बढ़ा दी है। औराई ब्लॉक के उगापुर, अभोली के छनौरा, सुरियावां के बदलीपुर समेत डीघ, ज्ञानपुर से होकर एक-दूसरे की सीमा तक सिंचाई का प्रमुख संसाधन मुख्य नहरों, रजवाहों, माइनरों पर जुगाड़ के पुल से आवागमन करने वालों पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
भगवतीदासपुर निवासी समाजसेवी राहुल सिंह, बदलीपुर के देवेश मिश्र, मनोज पटेल, अजय पटेल, योगेश मिश्र, राहुल मिश्र, अभिषेक मिश्र, भुलई, तीर्थराज, गुड्डू, विनोद, छनौरा के मयंक यादव, सुरेंद्र बिंद, सुरेश पंकज, राकेश बिंद ने डीएम से शिकायत कर आरोप लगाया है कि नहर विभाग एक दशक से लगभग 1470 पुल और पुलियों की जिम्मेदारी संभालता आ रहा है, लेकिन आवागमन के दौरान जोखिम वाले जर्जर पुलों व पुलियों की मरम्मत करने के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है। इन लोगों ने आरोप लगाया है कि जिले के विभिन्न स्थानों पर नहरों, रजवाहों, माइनरों पर बने पुल व पुलियों में से करीब 500 जर्जर हो गए हैं। इन जर्जर पुलियों की मरम्मत की तरफ से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन लोगों ने जिलाधिकारी से जर्जर पुलियों से आवागमन के दौरान होने वाले खतरों को देखते हुए अविलंब मरम्मत कराने की मांग की है। इन लोगों ने डीएम को दिए ज्ञापन में यह भी कहा है कि कुछ स्थानों पर लोग जुगाड़ के पुल से आवागमन कर रहे हैं। इससे खतरे की संभावना बढ़ गई है। उधर, अधिशासी अभियंता नहर पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि जर्जर पुलों व पुलियों की मरम्मत के लिए शासन से पांच करोड़ रुपये की मांग की गई है। कार्ययोजना में जर्जर पुलों के नवीनीकरण का प्रस्ताव भी शामिल किया जाएगा।