बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रासुका की कार्रवाई राजनीतिक व्यक्तियों के खिलाफ नहीं की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रशासन को भेजा। इसमें विधायक पर से रासुका हटाने, दोषियों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा के नेतृत्व में विरोध में उतरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि अजय राय आतंकवादी हैं न ही राष्ट्रद्रोही। लेकिन राजनीतिक द्वेष वश प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की।
कहा कि जब कोई सरकार द्वेषपूर्ण कार्रवाई किसी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता पर करती है तो उसके दिन खराब हो जाते हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार की मनमानी का आगामी विधान सभा चुनाव में जनता हिसाब करेगी।
सपा के साथ साथ भाजपा को भी इसका सबक जनता के जरिए मिलेगा। प्रदर्शनकारियों ने निहत्थे संतों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने, हिंसा को भड़काने वालों की जांच कर कार्रवाई की मांग भी की।
इस मौके पर माबूद खां, लवकुश नारायण, दीना दुबे, घनश्याम शुक्ल, राजेश पांडेय, सुरेश उपाध्याय, गुलजारी लाल, प्रेम बिंद, आनंद उपाध्याय, जयशंकर दुबे, राम गोपाल, अनुपम अग्रवाल, जान मोहम्मद, जयशंकर दुबे, शोभनाथ, राजेश पासी, सिद्घार्थ मिश्रा, रामरक्षा मौर्य, हरिश्चंद, बाल मुकुंद कसेरा आदि मौजूद रहे।