ज्ञानपुर। कहर बरपाती ठंड ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सर्द हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 20 डिग्री रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्शियस की गिरावट हो गई। इससे यह नौ डिग्री से भी नीचे आ गया। ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूल-कॉलेजों को 20 दिसंबर तक के लिए बंद करवा दिया।
ठंड का प्रकोप चरम पर पहुंच गया। गांव-क्षेत्र में दो बुजुर्गों की जान लेने के बाद भी ठंड का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को पछुआ हवाओं ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। जगह-जगह लोग अलाव के सहारे ठंड से छुटकारा पाने के प्रयास में लगे रहे। दिनभर आसमान में छिटपुट बादलों की घेरेबंदी के चलते जब-तब सूर्यदेव बादलों की ओट में छिप जा रहे थे। इससे ठंड का असर और बढ़ जा रहा था। हवाओं के कारण गलन ने मुश्किलें बढ़ा दी थीं। लोगों के हाथ-पांव मानो सुन्न होते जा रहे हों। ठंडी हवाओं के चलते धूप भी बेअसर हो गई थी। राहत पाने के लिए लोग छतों पर निकले, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। शीतलहरी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बुधवार की देर रात सभी स्कूल कॉलेजों को बंद रखने का निर्देश जारी कर दिया। कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डीआईओएस अशोक चौरसिया ने कॉलेजों को निर्देश जारी कर बंद करवा दिया।
दूसरी ओर ठंड के कारण गर्म कपड़ों के बाजार में गर्माहट आती दिखी। लोग अस्थायी दुकानों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक में गर्म कपड़ों की खरीदारी के लिए लाइन लगाए दिखे। दुकानदारों का कहना था कि इस समय वूलेन कपड़े और जैकेट की खरीदारी तेज हो रही है। कपड़ा व्यवसायी पुष्पेंद्र जायसवाल ने कहा कि ब्लेजर और कोट बनवाने वालों की भी संख्या बढ़ी है। आने वाले महीनों में शादी-ब्याह भी हैं, इसलिए भी लोग गर्म सूट आदि बनवा रहे हैं।