सोशल मीडिया पर पीएमजीएसवाई के बजट को लेकर सत्तापक्ष के विधायक और सांसद में ठन गई है। औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर ने फेसबुक पर अपनी पीड़ा व्यक्त की तो राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। आरईएस के जिम्मेदार लोगों ने भी माना कि सांसद की सहमति नहीं मिलने से पीएमजीएसवाई के प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल सकी।
विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में जिले की तीन सीटों के लिए सात मार्च को मतदान हुआ था। बीते 10 मार्च को हुई मतगणना में औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर को कम अंतर से जीत मिली। जीत के बाद भी वे खुश नजर नहीं आए। उन्होंने नाम न लेते हुए भी पार्टी के कुछ लोगों पर कटाक्ष किया। आखिरकार शनिवार को सोशल मीडिया पर उनका दर्द सामने आ गया। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों की मरम्मत और नई सड़क के लिए प्रस्ताव बनता है। वर्ष 2021-22 में प्रस्ताव पर क्षेत्रीय सांसद ने हस्ताक्षर नहीं किया। इससे जिले को 40 करोड़ रुपये नहीं मिल सके। किस कारण ऐसा किया गया, इस पर विचार करने की जरूरत है। अगर यह बजट स्वीकृत होता तो आम जनता को लाभ मिलता। औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर ने कहा कि हमसे ईष्या हो सकती है, लेकिन आम जनता का क्या दोष था। सांसद को ऐसा नहीं करना चाहिए था। आरईएस के अधिशासी अभियंता रईस अंसारी ने कहा कि प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं होने से बजट स्वीकृत नहीं हो सका। सांसद रमेश चंद्र बिंद ने कहा कि विधायक के पोस्ट पर वह कुछ नहीं कहेंगे। एक सप्ताह के अंदर पीएमजीएसवाई की सड़कों का शिलान्यास करेंगे तो सभी को जवाब मिल जाएगा। इसके पूर्व 60 करोड़ से अधिक का बजट वे स्वीकृत करा चुके हैं।