औराई। कॉलेज खुल गए हैं, मगर पठन-पाठन का कार्य जोर नहीं पकड़ पा रहा है। कक्षा में अपेक्षानुरूप उपस्थिति भी नहीं हो पा रही है। मंगलवार को अमर उजाला ने महाविद्यालयों का जायजा लिया। केशव प्रसाद मिश्र महाविद्यालय में 20 फीसदी छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। हालांकि ज्यादातर छात्राओं ने कॉलेज संचालन की वकालत की। कोरोना संक्रमण को लेकर कॉलेज प्रबंधन के दावे हवा हो गए। छात्राएं कक्षाओं में तो कोरोना गाइडलाइन का पालन करती दिखीं, लेकिन परिसर में सारे नियम टूट गए। कॉलेज गेट पर न तो स्क्रीनिंग हुई और न ही सैनिटाइजर रखा मिला।
मंगलवार को दोपहर 12.30 बजे अमर उजाला टीम महाविद्यालय पहुंची तो महाविद्यालय की तैयारी की पोल खुल गई। गेट पर न तो कोई गार्ड मिला और न ही सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था दिखी। कोरोना को लेकर कॉलेज में छात्राओं की उपस्थिति कम रही। दूसरे दिन महज 20 फीसदी छात्राएं कॉलेज पहुंचीं थीं। कॉलेज में छात्राओं के अलावा बाहरी लोगों का भी आवागमन होता मिला, जो संक्रमण के लिए घातक साबित हो सकता है। कॉलेज आने वाली कई छात्राएं चेहरे पर मॉस्क भी नहीं लगाए थीं न ही सामाजिक दूूरी का पालन हो रहा था। कक्षा संचालन के समय छात्राएं चेहरे पर मॉस्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग में बैठी जरूर थीं, लेकिन कॉलेज परिसर में आते ही नियम टूट गए। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बृज किशोर त्रिपाठी ने कहा कि कक्षाएं शुरू हो गईं हैं। गाइडलाइन का पालन कराने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। गार्ड के न रहने का मामला गंभीर है। इसको लेकर प्राध्यापकों से बात की जाएगी।