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जमीन विवाद में 41 ग्रामसभाओं में लटकी केंद्रीय जल मिशन योजना

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ज्ञानपुर। गांव की सरकार के हाथ खींच लेने से केंद्रीय जल मिशन योजना की रफ्तार अतिक्रमणकारियों ने ब्लाक औराई डीघ, ज्ञानपुर, सुरियावां, अभोली के विभिन्न ग्राम सभाओं में रोक दी है। इससे न सिर्फ लगभग 20 हजार परिवारों में शुद्ध पेयजल न मिलने को लेकर धड़कन बढ़ा दिया और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है।
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केंद्रीय जल मिशन योजना को अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए मुख्य कार्यदाई संस्था वेलस्पन ने बीते वर्ष 367 गांवों की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपा था। केंद्र सरकार ने 367 में से प्रथम चरण के 82 ग्रामसभाओं में योजना को शुरू करने की हरी झंडी देने पर कार्यदायी संस्था ने पाइप लाइन विस्तार करने और गहरी बोरिंग को प्रमुखता दी। कार्यदायी संस्था के लिए मुश्किल तब हो गया जब स्वीकृत परियोजनाओं में के काम में एक के बाद एक करके अड़चन आने लगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो 21 ग्राम पंचायत ऐसी है जहां फसल होने की वजह से काम प्रभावित है, वहीं 20 ऐसे ग्राम पंचायत हैं जहां जमीन का विवाद है। अब जब तक वह विवाद नहीं हल होगा तब तक काम की रफ्तार तेज होनी मुश्किल है।
इन ग्राम पंचायतों में आ रही है अड़चन
जल निगम के अनुसार, ब्लाक डीघ के रजमला, हरीरामपुर उपरवार, सागररायपुर, दानीपट्टी उपरवार, बिहरोजपुर उपरवार, खानापुर, भमौरी उपरवार, डीघ उपरवार, बहपुरा उपरवार, तिलंगा, कलनुआं, इनारगांव, औराई ब्लाक के बंजारी, बर्जीकला उपरवार, पर्वतपुर, तिउरी, चकापुर, खरगापुर, खेतलपुर, अभोली ब्लाक के रोही नेवादा, भदोही ब्लाक के गोहिलांव, बाड़ी, मूंसीलाटपुर, अमवांखुर्द, सुरियावां ब्लाक के कुसौड़ा, भटेवरा, ज्ञानपुर ब्लाक के बनकट-छनौरा, जोरई, पूरेरजा, पूरेगिरियां, सरईराजपुतानी, कारीगांव, भुड़की, कठौता, केशवपुर-सरपतहां, कसिदहां, पिलखुना, दशरथपुर, लक्ष्मणपट्टी, नथईपुर में चिन्हित जमीनों पर अतिक्रमण के कारण कार्य कराना कार्यदाई संस्था के लिए मुश्किले बढ़ा रहा है। डीसी केंद्रीय जल मिशन रामबिलास यादव ने बताया कि 26 मार्च को कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन के सामने मामला प्रस्तुत हुआ था। 21 ग्रामसभाओं में फसल कटने और 20 ग्रामसभा में राजस्व विभाग पुलिस की मौजूदगी में मामलों का निस्तारण कराने पर मुहर लगाई है।
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मिशन पूरा होने से नहीं होगी पेयजल की समस्या
केंद्रीय जल मिशन के परियोजना प्रबंधक मनोज पाठक ने बताया कि जल निगम की ओर से एक दशक पूर्व स्थापित नगरीय और ग्रामीण समूह पेयजल योजनाओं के खराब होने पर केंद्र सरकार ने उक्त योजना से हर घर को पेयजल मुहैया कराने की रणनीति तैयार की है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर कार्यदाई संस्था उसी जमीन में कार्य करा रही है। बावजूद इसके ग्रामीण विवाद उत्पन्न कर रहे हैं। दूर की सोच से विवाद को समाप्त करने पर योजना का लाभ मिल सकेगा।
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