एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना कालीन उद्योग के लिए संजीवनी साबित हुई है। कोरोना महामारी में योजना के तहत कारोबार से लेकर कारोबारी तक को राहत प्रदान की गई। चार साल में 150 से अधिक लोगों को 40 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया। इससे डेढ़ हजार लोगों को रोजगार मिल सका है।
करीब चार साल पूर्व प्रदेश सरकार ने हर जिले से जुड़े उद्योग को बेहतर प्लेटफार्म देने के लिए एक जिला, एक उत्पाद योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत भदोही में कालीन कारोबार को शामिल किया गया। जिसमें कालीन का कारोबार शुरू करने और पुराने उद्योग को संजीवनी देने के लिए बैंकों से ऋण उपलब्ध कराए गए। इस बीत करीब एक साल बाद ही वैश्विक महामारी शुरू हो गई। इससे महानगरों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंच गए। इस दौरान भी नये और पुराने कारोबारियों ने ओडीओपी के तहत काम बढ़ाकर लोगों को रोजगार मुहैया कराया। उद्योग विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वित्तीय वर्ष 2018-19 में 38 लोगों को छह करोड़ 98 लाख, वित्तीय वर्ष 2019-20 में 49 लोगों को 13 करोड़ 66 लाख रुपये, 2020-21 में 54 लोगों को 13 करोड़ 82 लाख तथा 2021-22 में जनवरी तक 32 लोगों को 5 करोड़ 93 लाख रुपये ऋण स्वीकृत किया गया। खास बात यह रही कि इससे उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ ही डेढ़ हजार नये लोगों को रोजगार भी मिला। उपायुक्त उद्योग हरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ओडीओपी उद्योग को बढ़ावा देने में काफी कारगर साबित हुई है। नए सिरे से कालीन कारोबार शुरू करने वाले कारोबारी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।