ज्ञानपुर। चीनी मांझा प्रतिबंधित है। मगर, कालीन नगरी के बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहा है। प्रयागराज, बनारस और अन्य पश्चिमी शहरों से प्रतिबंधित मांझे की आवक जिले में बेरोकटोक हो रही है। कोई बोलने वाला नहीं है। जिले के मुख्य व्यावसायिक बाजारों भदोही, गोपीगंज, ज्ञानपुर, सुरियावां, चौरी आदि में चीनी मांझे का बाजार मकर संक्रांति के मद्देनजर चटख हो गया है।
खिचड़ी का पर्व 10 दिन शेष रह गया है। इस दौरान पतंगबाजी का उत्साह युवाओं और बच्चों के सिर चढ़कर बोलता है। लेकिन, चीन से आने वाला सस्ता और धारदार मांझा पतंगबाजों की पहली पसंद बना है। खतरनाक होने के कारण यह प्रतिबंधित है। बावजूद इसके चोरी-छिपे जिले के बाजारों में यह बेचा जा रहा है। जिले की तीन सौ से अधिक छोटी-बड़ी दुकानों की मंडी गोपीगंज नगर से प्रतिदिन लाखों का कारोबार होता है। बावजूद इसके न पुलिस-प्रशासन इस धंधे पर शिकंजा कस पा रहा है, न मुख्यालय, तहसील, ब्लाक और निकायों के अधिकारी। 14 जनवरी को होने वाले मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर बाजारों में पतंग, मांझे की खूब बिक्री हो रही है।
ज्ञानपुर नगर, पुरानी बाजार, पाली, मोढ़, जंगीगंज, गोधना-सूफीनगर, ऊंज, कुरमैचा, नवधन, वहिदानगर, औराई, घोसिया, उगापुर, कठारी, माधोसिंह, खमरिया नगर, नईबाजार-भदोही, सर्रोई, दुर्गागंज, सुरियावां नगर, अभोली, मतेथू, सुभाषनगर, रोही, कोइरौना, सीतामढ़ी, कटरा, धनतुलसी के बाजार चीनी मांझे और पतंग से पटे हैं, जिन पर किसी जिम्मेदार की नजर नहीं पड़ती। ज्ञानपुर नगर के दुकानदार पानकुमारी, मोहन मुरारी, रमेश कुमार, प्रवीण कुमार ने कहा कि वह परिवार के भरण-पोषण के लिए दुकानदारी करते हैं। मंडी से खरीदने पर आसानी से मिल जाता है। एसडीएम सदर चंद्रशेखर राम ने कहा कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है। अगर बाजार में बिक रहा है तो अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।