तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बुधवार को बैठक कर तहसील से भ्रष्टाचार खत्म करने का संकल्प दोहराया और भ्रष्ट अधिकारियों को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की मांग की। बैठक में कई अधिवक्ताओं ने भ्रष्ट लेखपालों और कानूनगो के भी नाम गिनाए और कहा कि इस बार जो आंदोलन चलेगा, वह किसी आश्वासन पर समाप्त नहीं होगा, बल्कि भ्रष्टाचार खत्म होने तक जारी रहेगा। इस बीच अधिवक्ता लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्य प्रसाद द्विवेदी ने आरोप लगाया कि तहसील में कुछ लेखपाल और कानूनगो अधिकारियों के बल पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। दूरदराज से आने वाले वादकारी भ्रष्टाचार के कारण या तो बैरंग लौट जा रहे हैं अथवा धन खर्च करने पर उनका काम हो पा रहा है। अधिकारियों में न तो सरकार का भय है न ही प्रशासनिक अफसरों का। तहसील में हर काम के लिए दलाल लगे हैं। वादकारियों के पहुंचते ही दलाल उन्हें अपने चंगुल में फांस लेते हैं। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि हर अधिकारी के पास एक-दो दलाल बैठे मिल जाएंगे। बैठक में आधा दर्जन लेखपाल व कानूनगो को यहां से हटाने की मांग की गई थी लेकिन उनकी जिम्मेदारी बढ़ा दी गई। बैठक में तय किया गया कि भ्रष्टाचार खत्म होने तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। संचालन महामंत्री इंद्रदेव मौर्य ने किया। नंदलाल राय, नरेंद्र उपाध्याय, विनोद कुमार राय, गुलाब सिंह, लाल चंद सरोज, ओम प्रकाश, आशीष दूबे, कृपाशंकर मिश्र, नन्हें लाल सरोज, दशरथ कुशवाहा, अमित दूबे, अवध नारायण यादव, अमित पांडेय आदि मौजूद रहे।