ज्ञानपुर। जिले की 546 ग्राम पंचायतों में निर्माणाधीन सात हजार एक एकल शौचालय जल्द ही पूर्ण होंगे। पंचायत राज विभाग ने लाभार्थियों को दूसरी किस्त भेजने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सभी छह ब्लॉकों से सत्यापन सूची मांगी गई है। 15 अगस्त से पहले सभी को दूसरी किस्त जारी होगी।
स्वच्छ भारत की मुहिम तो दो दशक पूर्व से चल रही है, लेकिन 2014 के बाद इसमें तेजी आई। करीब पांच साल यानि 2020 तक जिले में दो लाख 81 हजार एकल शौचालय बनाए गए, हालांकि निगरानी न होने से धीरे-धीरे वह जर्जर भी हो गए। ग्राम पंचायतों की उदासीनता से शौचालय प्रयोग लायक भी नहीं बचे। सामुदायिक शौचालय बनाने से पहले ही सभी गांव खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं।
जर्जर शौचालयों की रेट्रोफिटिंग के तहत मरम्मत भी कराई जा रही है। सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (सेक) सूची से छूटे पात्रों को लाभ देने के लिए शासन की ओर से हर जिलों में 2022-23 में आवेदन मांगे गए थे। इसमें 32 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया।
2022 में आवेदन की संख्या अधिक थी लेकिन लक्ष्य कम था। इससे 5200 पात्रों को एकल शौचालय का लाभ मिला। ब्लाॅकों से सत्यापन होने पर विभाग ने 5200 लाभार्थियों के खाते में दो चरणों में 12 हजार रुपये भेजा। 32 हजार आवेदनों में 5200 को लाभ मिल सका। 2023-24 में 9960, 2024-25 में करीब 15 हजार एकल शौचालय स्वीकृत हुए। धीरे-धीरे उनको पूरा कराया गया। अब विभाग की तरफ से दूसरी किस्त भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने ब्लॉकों से सत्यापन की सूची मांगी है। सात हजार लाभार्थियों को छह-छह हजार की दर से कुल चार करोड़ 20 लाख जारी होंगे। प्रभारी डीपीआरओ डॉ. सपना अवस्थी ने बताया कि ब्लॉकों से सूची मांगी गई है। एक सप्ताह में सूची आने पर दूसरी किस्त लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाएगी।