लीड---तीन नंबर पेज
फोटो--
किसानों को लाभ नहीं, ग्राहकों के जेब हो रहे खाली
खेत से थाली तक पहुंचने में 50 फीसदी बढ़ गए सब्जियों के दाम
किसानों से दो-तीन रुपये किलों बिकने वाला कोहड़ा बाजार में 10 रुपये का
टमाटर, भिंडी और लौकी के दाम में भी बढ़ोत्तरी, लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। कहा जाता है कि बाजार में जिस चीज की उपलब्धता कम और मांग ज्यादा होती है उसकी कीमत बाजार में बढ़ जाती है, लेकिन इन दिनों भदोही जिले में बिचौलियों की वजह से सामानों की कीमत बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि गर्मी के सीजन में महंगाई बढ़ने का कोई ठोस कारण नहीं है, फिरभी सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं। आलम यह है कि किसानों के खेत से थाली तक पहुंचने में सब्जी के दाम में 50 फीसदी तक का इजाफा हो रहा है। यानी किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि ग्राहकों को ज्यादा दाम पर सब्जी खरीदना पड़ रहा है।
इन दिनों सब्जी की खेती करने वाले किसानों को सब्जी उगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है। भीषण गर्मी में सूखती सब्जियों को समय पर पानी देकर तैयार करने में किसानों को पसीना छूट जा रहा है। बावजूद इसके जिन किसानों ने सब्जी की खेती किया है वे उत्पादन कर रहे हैं। उनकी उपज को उचित मूल्य नहीं मिलकर औना-पौना दाम मिल रहा है। कोई सब्जी दो-तीन रुपये किलो तो कोई पांच-दस रुपये किलो खेत से जा रही है। जबकि वहीं सब्जी बाजार में लोगों को ठीक दो गुने रेट पर मिल रही है।
इनसेट--
सब्जियों का नहीं मिल रहा रेट, किसान परेशान
जगापुर के किसान विकास बताते हैं कि इन दिनों सब्जी का सही रेट नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि इतनी मेहनत करने के बावजूद महज खर्च निकल रहा है। यदि जिस रेट में सब्जी बाजार में बिक रही है उसी अनुपात में हमारी सब्जी भी व्यापारी लें तो काफी लाभ होगा। बताया कि इसस सबसे सस्ता भिंडी, नेनुआ और कोहड़ा है।
----------------------------
सब्जी के दाम में है इतना अंतर
सब्जी किसान के यहां दुकान पर
टमाटर 20 50
मिर्च 17 40
बैगन 25 40
लौकी 08 15
भिंडी 06 10
नेनुआ 05 10
कोहड़ा 03 10
नोट- मंगलवार की सुबह ज्ञानपुर की स्थानीय मंडी व दोपहर में बाजार मूल्य।