अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय ज्ञानेंद्र सिंह द्वितीय की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के तीन दोषियों को दस-दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। चार साल पूर्व की घटना में कोर्ट ने निर्णय सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गोपीगंज कोतवाली के बंजारी गांव निवासी झल्लू राम ने 22 नवंबर 2018 को तहरीर देकर बताया था कि उनका छोटा भाई मोहन लाल हैंडपंप पर सुबह छह बजे हाथ धोने के लिए गया। वापस नहीं आने पर वहां गए तो मोहन जमीन पर गिरा था। उसके सिर से खून बह रहा था और बोल भी नहीं पा रहा था। ग्रामीणों की मदद से गोपीगंज के एक निजी अस्पताल लेकर गए। जहां से ट्रामा सेंटर बीएचयू ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मदन लाल सरोज, अजीत कुमार सरोज और पंकज सरोज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट में दोनो पक्षों की बहस-पैरवी सुनने के बाद न्यायाधीश ज्ञानेंद्र सिंह द्वितीय ने तीनों को 10-10 साल सश्रम कारावास और 10-10 हजार अर्थदंड लगाया। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार बिंद ने पैरवी की।