कप्तानगंज। मृतक यशवंत का कौड़ीकोल गांव निवासी सोना देवी के घर कई महीनों से आना-जाना था। बताया जा रहा है कि यशवंत अपनी प्रेमिका के साथ सोना देवी के घर आता था और कई बार रात भी वहीं रुकता था। परिवार के अन्य लोगों को भी उसकी आवाजाही की जानकारी थी।
गांव में सोना देवी का घर अपेक्षाकृत सुनसान स्थान पर है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वहां ग्रामीणों की आवाजाही कम रहती है। बताया जा रहा है कि समय के साथ यशवंत की सोना देवी और उसके परिवार से नजदीकियां बढ़ती गई थीं। यह भी चर्चा है कि यशवंत परिवार पर रुपये खर्च करता था।
घटना वाली रात यशवंत को उसकी प्रेमिका के जरिए बुलाए जाने की बात सामने आ रही है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यशवंत का विश्वास जीतने के बाद प्रेमिका उसे गन्ने के खेत की ओर ले गई। इसके बाद हुई घटना में सोना देवी की बेटी शीला की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि वह बाइक चलाने में दक्ष है और शव को ठिकाने लगाने में उसकी भूमिका रही।
सोना देवी और उसके परिवार को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, घटना के संबंध में ग्रामीण खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। पुलिस मामले में सामने आए तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।