मशीन हैं नहीं, एक्स-रे टेकनीशियन तैनात
बस्ती। जनपद के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती है। लेकिन, मशीन न होने के कारण उन्हें अस्पताल के अन्य कार्य में लगा दिया गया है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों के निजी सेंटर पर एक्स-रे कराने का विकल्प बच पाता है। अगर चिकित्सक उन्हें एक्स-रे के लिए जिला अस्पताल रेफर भी कर दें तो मरीज और उनके परिजनों को किराए के साथ आने-जाने में होने वाली दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निजी एक्स-रे संचालक बेहिचक एक एक्स-रे के लिए छह से सात सौ रुपये वसूल ले रहे हैं।
जिले के कप्तानगंज, गौर, साऊघाट, रुधौली, दुबौलिया, मरवटिया, भानपुर, परशुरामपुर, विक्रमजोत, बहादुरपुर, कुदरहा, सल्टौआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से अधिकांश पर एक्स-रे टेक्नीशियन तैनात हैं। इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हर दिन औसतन 10 से 12 मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें चिकित्सक एक्स-रे कराने की सलाह देते हैं। लेकिन, इन अस्पतालों में एक्स-रे जैसी सामान्य जांच की भी सुविधा न होने की स्थिति में उन्हें विवश होकर निजी एक्स-रे सेंटरों का रुख करना पड़ता है। हालांकि चिकित्सक कहते हैं कि जिन मरीजों को जरूरत होती है उन्हें ही एक्स-रे के लिए सुझाव दिया जाता है, क्योंकि मरीजों को एक्स-रे की सुविधा तो अस्पताल में मिल नहीं पाती जिससे उन्हें परेशान होना पड़ता है।
केवल बनकटी, हर्रैया में ही एक्स-रे की सुविधा
मौजूदा समय में एक्स-रे की सुविधा केवल बनकटी और हर्रैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही मिल रही है। इन दोनों सीएचसी पर औसतन 35 से 40 एक्स-रे हर दिन होते हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक्स-रे सुविधा विहीन सीएचसी पर हर दिन इतने मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
एक्स-रे मशीन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। सीएचसी पर एक्स-रे टेक्नीशियनों से अन्य तकनीकी कार्य लिया जाता है। मशीन आने के बाद इनका उपयोग होने लगेगा।
डॉ.चंद्रशेखर, सीएमओ, बस्ती