दुबौलिया/ बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर तेजी के साथ घट रहा है। बुधवार को नदी लाल निशान से आधा मीटर नीचे उतरकर बह रही थी। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। गांवों से भी नदी का पानी खिसकने लगा है। कीचड़, संक्रामक बीमारी फैलने जैसी दुश्वारियां अभी व्याप्त है।
मैरुंड हो चुके सुविका बाबू गांव के लोगों ने बाढ़ का पानी खिसकने से काफी राहत महसूस की है। इस गांव की पगडंडी से पानी हट गया है। अब सिर्फ कीचड़ ही बचा है, जिससे नागरिकों का गांव से तटबंध तक पैदल आना जाना शुरू हो गया है। हालांकि गांव में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। यहां पशुचारे का संकट अभी भी बरकरार है। पानी में डूबकर फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसको लेकर किसान चिंतित है। गौरा- सैफाबाद तटबंध पर दलपतपुर से लेकर टकटकवा तक दबाव बरकरार है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से लेकर खलवा गांव तक दबाव बना हुआ है।
गौरा-सैफाबाद तटबंध के एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया कि जलस्तर लगातार घट रहा है। खतरे की कोई बात नहीं है। वहीं कुदरहा ब्लॉक के बैड़ारी एहतमाली गांव के मईपुर बड़का पुरवा में कटान अभी भी मध्यम गति से हो रही है। यहां सैकड़ों बीघा कृषि योग्य जमीन कटान कर नदी की धारा में विलुप्त हो गई है। किसानों की फसलें भी बर्बाद हो गई है। प्रशासन की ओर से इन बाढ़ पीड़ितों को कोई मदद नहीं पहुंचाई गई है। इनके फसल क्षति का आंकलन भी नहीं कराया गया है। कटान के चलते कई किसान भूमिहीन हो चुके हैं। उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट है।