उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के विरोध में विहिम का प्रदर्शन
बस्ती। राजस्थान के उदयपुर में भूतमहल के पास नूपुर शर्मा के समर्थन में फेसबुक पोस्ट करने वाले कन्हैयालाल की गला काटकर हत्या की घटना से विश्व हिंदू महासंघ मुखर हो गया है। बुधवार को महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह के नेतृत्व में जहां कलेक्ट्रेक्ट के सामने प्रदर्शन किया गया वहीं, संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि राजस्थान की बिगड़ती कानून व्यवस्था को देखते हुए राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।
महासंघ जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि जिस क्रूरता के साथ कन्हैयालाल की हत्या की है वह दुर्भाग्यपूर्ण, अक्षम्य और चिंताजनक है। इस घटना से सिद्ध हो गया है कि राजस्थान में कानून व्यवस्था की स्थिति दयनीय है और लोगों का जीवन असुरक्षित है। ऐसी स्थिति में तत्काल प्रभाव से राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते महासंघ ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रूपये की आर्थिक सहायता के साथ ही मृतक परिवार के एक सदस्य को राजस्थान सरकार नौकरी की मांग उठाई है।
इस मौके पर महासंघ के मण्डल प्रभारी सरयू प्रसाद शुक्ल, परसुराम साहनी, सौरभ तिवारी, अमित चौधरी, वीरेंद्र सिंह, प्रिंस चौधरी, वेद प्रकाश त्रिपाठी, कृष्णनन्द श्रीवास्तव, संदीप मिश्रा, जय सिंह, राकेश सिंह, अभिषेक सिंह, हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।
राजस्थान में हुई घटना के विरोध में न्यायिक कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता
बस्ती। जनपद बार के सभागार में बुधवार को अध्यक्ष रजनीश कुमार दुबे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर राजस्थान में हुई घटना की निंदा की गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकार से मांग किया कि इस घटना के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएं। प्रस्ताव की प्रति डीएम, जनपद न्यायाधीश व अन्य उच्च अधिकारियों को भेजी गई। इस दौरान शेषनाथ पाठक, प्रदीप कुमार पांडेय, शरद कुमार चतुर्वेदी, अशोक कुमार श्रीवास्तव और शैलजा मिश्रा समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।