कंपनीबाग सब्जी मंडी में सजी दुकानें संवाद
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बस्ती। किसानों की सब्जियां बाजार में आने के बाद उनके रेट काफी नीचे गिर जा रहे हैं, जबकि बाहर से आने वाली सब्जियों के दाम आसमान पर हैं। दुकानदार बताते हैं कि सहालग की वजह से मांग काफी बढ़ी हुई है। बढ़े हुए दाम का फायदा सब्जी किसान के बजाय बिचौलिए ले रहे हैं, जबकि किसान औने-पौने दर में व्यापारी को अपनी सब्जी देकर घर चला जा रहा है।
सहालग सीजन के साथ ही बाहरी इलाकों से होने वाली आपूर्ति में कमी के कारण सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। फुटकर कीमतों में हुए इजाफे के कारण घरों की रसोई का बजट भी बिगड़ने लगा है। सब्जी कारोबारी पल्टन ने बताया कि इस समय तक जिले से टमाटर की सप्लाई शुरू हो जाती थी लेकिन इस बार अभी तक टमाटर की आमद शुरू नहीं हुई है। इसी कारण नासिक से आने वाले टमाटर 50 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिक रहा है।
शुक्रवार को कंपनीबाग बाजार में नया आलू 40 रुपये प्रति किलो व पुराना आलू 50 में ढाई किलो की दर से बिका। किसान कोलई का कहना है कि नया आलू खेतों में ही खराब हो गया था। दूसरी बार लगी आलू की फसल को आने में अभी दो सप्ताह लगेगा। इसी लिए पुरानी आलू कोल्ड स्टोरेज से बाहर निकाल कर बेचा जा रहा है। शुक्रवार को टमाटर 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से बिका जबकि पिछले साल नवंबर में टमाटर की कीमत 15 से 20 रुपये प्रति किग्रा थी।
इसी तरह फूल गोभी जो बीते वर्ष 10 से 15 रुपये प्रति पीस की दर से बिकी थी, इस बार 30 रुपये प्रति फूल की दर से बिक रही है। इसी तरह बैगन, पालक, बथुआ, शिमला मिर्च, सेम, सोया मेथी व बंदगोभी भी बीते साल की तुलना में इस बार दो गुना अधिक दाम पर बिकने से रसोई घरों का बजट बिगड़ने लगा है।
किसानों का कहना है कि गांव से जो सब्जी उत्पादित होकर बाजार में आ रही, उसके वाजिब दाम नहीं मिल रहे। व्यापारी खरीदते ही सब्जी के दर को बढ़ाकर बेचता है। सब्जी भाव में अंतर से किसानों को नुकसान होता है।