मोदी के मिशन को आत्मसात कर उदयभान ने थामा भाजपा का दामन
वर्ष 2009 से 2021 तक बसपा के मुख्य जोन को-ऑर्डिनेटर थे उदयभान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। खांटी बसपाई और डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा कांशीराम के आदर्श को मानने वाले उदय भान ने भाजपा का दामन थाम लिया है। जिले में बसपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले उदयभान के पार्टी छोड़ने से बसपा को करारा झटका लगा है। उदयभान ने कहा कि वे मोदी के बाबा साहेब के मिशन को आगे बढ़ाने में सहयोग के लिए भाजपा का दामन थामे हैं। बसपा मुखिया बाबा साहेब व कांशीराम के मिशन से भटक गई हैं। वे केवल दलितों व वंचितों का प्रयोग अपने वोट बैंक के रूप में कर अपना उल्लू सीधा कर रही हैं।
जिले के कुदरहा ब्लाक क्षेत्र के निवासी उदयभान ने डॉ. आंबेडकर व कांशीराम के आदर्श पर चलने वाली बसपा में वर्ष 1995 में एक सदस्य के रूप में शामिल हुए थे। उनकी निष्ठा के चलते जल्द ही सेक्टर अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वे कभी पीछे मुडकर नहीं देखे। करीब दस वर्ष की सेवा के चलते उन्हें पार्टी ने वर्ष 2005 जिले की कमान दे दी। तीन वर्ष तक वे इस पद पर बने रहे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें मंडल अध्यक्ष बनाकर जिम्मेदारी बढ़ा दी। पार्टी में उदयभान का कद इतना बढ़ा दिया कि सामान्य सदस्य से वे वर्ष 2009 में जोन कोआर्डिनेटर बनाए गए, पिछले कई साल से वे मुख्य जोन को-आर्डिनेटर पद पर बसपा की सेवा कर रहे थे। 18 दिसंबर को वे बसपा को छोड़ भाजपा का झंडा उठा लिए। उन्हें लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिला दी। उदयभान ने कहा कि बसपा अपने मिशन से भटक गई है, जबकि पीएम मोदी व सीएम योगी दलितों, वंचितों पिछड़ों को न्याय दिलाने की मुहिम छेड़े हुए हैं। इसकी परिणित देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर नरेंद्र मोदी ने दलित को स्थान दे दिया है। मोदी ही सही मायने में बाबा साहेब व कांशीराम के आदर्श को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी से प्रेरित होकर मैने भाजपा का दामन थामा है, जिससे इन दोनो महापुरुषों के मिशन को आगे बढ़ाया जा सके।