बस्ती। महिलाओं को आगे करके लोगों को फर्जी केस में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि ये लोग एसटी एक्ट की धाराओं में फर्जी मुकदमे दर्ज कराने व भय दिखाकर वसूली करते हैं।
उसी क्षेत्र के एक परिवार को ऐसा ही भय दिखाकर 2.20 लाख रुपये वसूल लिया और आगे भी परेशान करता रहा। आजिज आकर पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी।
एसपी अभिनंदन ने बताया कि केस दर्ज कर तीन महिलाओं सहित सरगना को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनमें पैकोलिया थानाक्षेत्र के सेमरा निवासी मुख्य आरोपी अमरनाथ, पुरानी बस्ती थाने के करमा निवासी मधु पत्नी सुनील, दुर्गावती पत्नी राधेश्याम और दुबौलिया थानाक्षेत्र के पूरे ओरीराय कटरिया निवासी पूनम पत्नी राजेश शामिल हैं।
एसपी ने बताया कि इस गिरोह में कई अन्य भी शामिल हैं, जो न्यायालय के आदेश पर विभिन्न थानों में दुष्कर्म, एससीएसटी जैसे संगीन आरोपों में केस दर्ज कराते हैं। न्यायालय में एससीएसटी केस की चार्जशीट भेजे जाने पर सरकारी अनुदान का गलत फायदा उठाते हैं। आरोपी अमरनाथ पर हर्रैया व पैकोलिया थाने में नौ केस दर्ज हैं। गिरोह में शामिल महिलाएं अनुदान लेने के लिए ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाती थीं, जिससे वे केस दर्ज कराने की धमकी देकर वसूली कर सकें।
इस गिरोह ने पैकोलिया थाने के इटवा राजा गांव के राम नवल वर्मा को शिकार बनाया। पुलिस को दी तहरीर के मुताबिक डरा-धमका कर ये लोग 2.20 लाख रुपये ले चुके थे और आगे भी दबाव बना रहे थे।
तहरीर के आधार पर अमरनाथ, मधु पत्नी सुनील, दुर्गावती पत्नी राधेश्याम, पूनम पत्नी राजेश, बबिता पत्नी नागेंद्र व कुछ अन्य महिलाओं नाम-पता अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। एसपी ने बताया कि शुरुआती छानबीन में पता चला है कि संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक लाभ के लिए ये लोग सामूहिक दुष्कर्म आदि गंभीर केस में फंसाने की धमकी देते थे।