- 23 साल पहले हुए व्यापारी के बेटे के अपहरण और गैंगस्टर एक्ट में वांछित हैं पूर्व मंत्री अमरमणि
- विशेष न्यायाधीश ने साक्ष्य के लिए तय की 13 नवंबर की तारीख
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साल 2001 में हुए व्यापारी के बेटे के अपहरण और गैंगस्टर एक्ट में वांछित पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने अमरमणि को फरार मानते हुए केस में गवाही शुरू करने का आदेश जारी कर दिया। गवाही के लिए 13 नवंबर की तारीख मुकर्रर की गई है। कोर्ट ने कहा है कि अमरमणि के गिरफ्तार किए जाने की संभावना नहीं दिख रही है।
इससे पहले अमरमणि की लखनऊ की संपत्ति कुर्क करने वाले कोतवाली के उप निरीक्षक का बयान दर्ज किया गया। एसआई राजेश यादव ने कुर्की कुलिंदा का ब्योरा न्यायालय काे दिया। न्यायालय ने कहा है कि 23 साल पुरान इस केस में अभियुक्त की सभी चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। अब उसकी गिरफ्तारी की संभावना नहीं है। ऐसे में बिना अभियुक्ति की उपस्थिति के साक्ष्य की कार्रवाई शुरू की जाए। इसके लिए 13 नवंबर को पत्रावली पेश करने का आदेश दिया गया है।
मंगलवार को भी इस मामले की सुनवाई हुई थी जिसमें कोतवाली पुलिस ने अमरमणि की महराजगंज और लखनऊ की संपत्ति की कुर्की कुलिंदा रिपोर्ट पेश की थी। महराजगंज जिले के नौतनवा में अमरमणि की संपत्ति कुर्क करने गए उप निरीक्षक राममणि उपाध्याय का कोर्ट में बयान दर्ज किया गया था। लखनऊ की संपत्ति कुर्क करने वाली पुलिस टीम में शामिल उपनिरीक्षक राजेश यादव का बयान बुधवार को दर्ज हुआ।