यूजीसी बिल को लेकर प्रदर्शन करते सवर्ण समाज के लोग स्रोत संगठन
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बस्ती। सवर्ण समाज ने यूजीसी की नई नीतियों के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। विभिन्न संगठनों के युवाओं, अधिवक्ताओं और लोगाें ने जीआईसी से कचहरी तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने इन नीतियों को सवर्ण समाज के मेधावी छात्रों के हितों के खिलाफ बताया और सरकार से इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र होगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से हाल ही में जारी किए गए दिशा-निर्देशों से जुड़ी नीतियों के विरोध में सोमवार को सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं, अधिवक्ताओं, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने जीआईसी (राजकीय इंटर कॉलेज) के मैदान से कचहरी तक पैदल मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की और सरकार से इस बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की। इसमें सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री मारूत कुमार शुक्ला, संतोष तिवारी शामिल रहे। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिसे सुचारू बनाने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने एक सभा की, जहां वक्ताओं ने यूजीसी की वर्तमान नीतियों को सवर्ण समाज के मेधावी युवाओं के हितों के खिलाफ बताया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। अभयदेव शुक्ल, रामजी पांडेय, ऋषि पाल सिंह, नवीन दूबे, अनिल मिश्र, राघवेंद्र मिश्र, रवि सिंह, सर्वेश श्रीवास्तव, राजेश चित्रगुप्त, रवि कुमार शुक्ल, मनमोहन त्रिपाठी, अमरदीप सिंह, स्नेह पांडेय, काजी फरजान, भावेश पांडेय, चंद्रेश सिंह आदि मौजूद रहे।