बाढ़ के पानी से घिरा सुविखा बाबू गांव।
- फोटो : BASTI
सुविखा बाबू बाढ़ के पानी से चौतरफा घिरा
दुबौलिया (बस्ती)। रक्षाबंधन पर्व सुविखा बाबू गांव के ग्रामीणों की हर बार परीक्षा लेता है। क्योंकि यह गांव इन दिनों सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिरा है। यहां भाइयों और बहनों को राखी बंधवाने और बांधने इस बार भी नाव से जाना पड़ेगा।
सुविखा बाबू गांव की आबादी करीब 300 की है। यह गांव तटबंध और सरयू के बीच स्थित है। मौजूदा समय में सरयू के बाढ़ की वजह से यहां आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। यह स्थिति करीब हर साल आती है। जैसे ही सरयू में बाढ़ आती है यह गांव पानी से घिर जाता है। ऐसे में इस गांव में पहुंचने के लिए कटरिया-चांदपुर तटबंध से करीब डेढ़ किलोमीटर नाव से आने-जाने का एकमात्र साधन बचता है।
ऐसे में रक्षाबंधन पर्व पर तमाम बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने से वंचित रह जाती हैं। ग्रामीण रामनाथ, संदीप, विशाल आदि कहते हैं कि बाढ़ के समय यह त्योहार आता है और गांव में पहुंचने के लिए नाव से बहनों को लाना काफी कठिन होता है। हम लोग प्रयास करते हैं कि बहनों के घर जाकर राखी बंधवाएं, लेकिन गृहस्थी के नाते कलाई सूनी रह जाती है। गांव की बेटी शांति, सीमा, रीमा आदि कहती हैं कि इधर कई वर्षों से बाढ़ से रक्षाबंधन पर्व अधूरा रह जाता है। जान जोखिम में डालकर नाव से गांव पहुंचना पड़ता है।