संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/गोरखपुर। अल सुबह प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भगदड़ की खबर मिलते ही घर-घर हलचल बढ़ गई। अपनों की सुध लेने के लिए फोन बजने शुरू हो गए। टोला-मोहल्ला, गांव-शहर हर जगह हलचल बढ़ गई।
परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी सभी में एक-दूसरे का कुशल क्षेम जानने की बेचैनी बढ़ी रही। महाकुंभ गए जिन श्रद्धालुओं का किन्हीं कारणों से अपनों से संपर्क नहीं हो पाया, उनके परिजन घबराए रहे। कुछ घंटों के बाद खबर मिलने पर ही तसल्ली हुई। यह स्थिति दोपहर 12 बजे तक बनी रही। इसके बाद माहौल शांत होने लगा।
सुबह नींद खुलते ही न्यूज चैनल एवं सोशल मीडिया पर महाकुंभ में भगदड़ की खबर प्रसारित होते हुए देखी गई। इसी के बाद चौतरफा हड़कंप मच गया। मौनी अमावस्या पर पुण्य की डुबकी लगाने महाकुंभ पहुंचे श्रद्धालुओं के परिजन घबरा गए। लोग अपने परिजनों की खोज खबर लेने के लिए तरह-तरह के जतन करने लगे। सभी के हाथ में मोबाइल आ गया। लोग चिर-परिचितों को फोन मिलाने लगे।
जिन्हें अपनों का हालचाल आसानी से मिला उन्हें तो तुरंत तसल्ली मिल गई। मगर, मोबाइल स्वीच ऑफ या फोन रिसीव न होने के कारण जिनसे संपर्क नहीं हो पाया उनके करीबियों के होश उड़े रहे। कुछ देर के बाद संपर्क हुआ और कुशलता की सूचना मिली तभी लोगों को सुकून मिला। पल-पल की जानकारी के लिए लोग टीवी और मोबाइल से चिपके रहे।
दिन में तीन बजे वापस लौटी डिपो की पहली बस : महाकुंभ मेले में एक दिन पहले श्रद्धालुओं को लेकर जाने वाली बस्ती डिपो की 45 बसें बुधवार को रास्ते में ही फंसी रहीं। किसी तरह दोपहर तीन बजे श्रद्धालुओं से भरी एक बस पहुंच पाई है। चालक सुशील उपाध्याय ने बताया कि भगदड़ के बाद सड़कों पर भी स्थिति बेकाबू हो गई थी। सड़क पर चल रहे वाहनों में भीड़ उमड़ पड़ी। लोग मौका पाते ही सरकारी, गैर सरकारी या किसी भी वाहन में बैठ जा रहे थे। भीड़ को प्रयागराज से बाहर करने के लिए वाहन अपने निर्धारित रूट से घुमा दिए जा रहे हैं। ि