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Basti News: हाथ में पर्चा, अल्ट्रासाउंड के लिए 15 दिन इंतजार

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महिला अस्पताल में उमड़ी रोगियों की भीड़
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बस्ती। जिला महिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहीं महिलाओं और उनके तीमारदारों को ओपीडी से लेकर जांच तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। चिकित्सक के पर्चे पर अल्ट्रासाउंड लिखे जाने के बाद अस्पताल के पंजीयन काउंटर से गर्भवती महिलाओं को 10 से 15 दिन बाद की तारीख मिल रही है। ऐसे में निजी केंद्रों पर करीब 800 रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है।
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अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 350 से 400 महिला मरीज पहुंचती हैं। इनमें बड़ी संख्या गर्भवती महिलाओं की होती है। चिकित्सकों के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान अलग-अलग चरणों में अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में रोजाना 80 से 100 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जा रही है।
अस्पताल में फिलहाल एक ही रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विमल द्विवेदी की तैनाती है। वह सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक करीब 45 से 50 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड कर पाते हैं। ऐसे में रोजाना करीब 40 से 50 मरीजों को अगली तारीख देकर लौटाया जा रहा है।
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सोमवार को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पंजीयन कक्ष में भीड़ लगी रही। सुबह 11:28 बजे तक 25 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था। पंजीयन काउंटर पर तैनात कर्मचारी पलक श्रीवास्तव ने बताया कि अंतिम चरण की गर्भवती महिलाओं का प्राथमिकता के आधार पर अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है। प्रथम और द्वितीय चरण की गर्भवती महिलाओं को उपलब्धता के अनुसार तारीख दी जा रही है। बैकलॉग और गंभीर मरीजों को शामिल करते हुए प्रतिदिन 45 से 50 मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है।
अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर खड़ी शाहिदा ने बताया कि एक सप्ताह पहले चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिखा था। सोमवार को जांच के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्हें 18वां नंबर मिला। सुबह करीब 11:30 बजे तक वह अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। रुधौली से आए राम प्रताप ने बताया कि उनकी पत्नी को अल्ट्रासाउंड के लिए 30 सितंबर की तारीख दी गई है। उन्होंने कहा कि मरीज के इलाज में देरी न हो, इसलिए मजबूरी में बाहर से करीब 800 रुपये देकर जांच कराने की सोच रहे हैं।
कटरा निवासी गोविंद ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों की भीड़ के बावजूद अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं की जा रही है। उनका आरोप है कि कुछ लोग मरीजों को बाहर के जांच केंद्रों पर ले जाने की कोशिश करते हैं।
ब्लड जांच के लिए भी लंबी कतार : महिला अस्पताल की पैथोलॉजी में भी गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों की लंबी कतार लगी रही। सोमवार को सुबह 11 बजे कक्ष संख्या आठ के बाहर ब्लड सैंपल देने के लिए मरीजों की भीड़ थी। भानपुर से आईं प्रियंका ने बताया कि ब्लड जांच की रिपोर्ट अगले दिन मिलती है।
ऐसे में पहले दिन सैंपल देने और दूसरे दिन रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल आना पड़ता है। मुरलीजोत की सुमन ने बताया कि ओपीडी में घंटों लाइन लगाने के बाद चिकित्सक तक पहुंच पाती हैं। इसके बाद अल्ट्रासाउंड और ब्लड जांच लिख दी जाती है।
उन्होंने कहा कि दोनों जांच कराने में काफी समय लग रहा है। उनके मुताबिक ब्लड जांच की रिपोर्ट आने में करीब दो दिन और अल्ट्रासाउंड के लिए 10 से 15 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
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