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Basti News: बुखार के साथ शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द बढ़ा रहा परेशानी

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जिला अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज संवाद
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बस्ती। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस बार मरीजों में बुखार के साथ शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द की शिकायत अधिक सामने आ रही है। चिकित्सकों के अनुसार कई मरीज चिकनगुनिया जैसे दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, बच्चों में तेज बुखार के साथ पेट दर्द और मरोड़ की समस्या देखी जा रही है।
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सोमवार को जिला अस्पताल में 1024 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा के अनुसार मेडिसिन विभाग में रोजाना 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। पिछले 10-15 दिनों में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों में तेज बुखार के बजाय हाथ-पैर, कमर, गर्दन, पीठ और मांसपेशियों में अधिक दर्द की शिकायत मिल रही है। सिरदर्द भी प्रमुख लक्षणों में शामिल है।
चिकित्सकों का कहना है कि समय पर उपचार शुरू होने पर अधिकांश मरीज तीन से पांच दिन में ठीक हो रहे हैं। हालांकि, खांसी और गले में खराश कई दिनों तक बनी रह रही है। बुखार के साथ शरीर में दर्द हो, लेकिन जुकाम-खांसी न हो तो डेंगू की आशंका को देखते हुए जांच कराने की सलाह दी जा रही है।
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बच्चों में तेज बुखार और पेट दर्द की शिकायत
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बच्चों में तेज बुखार के साथ पेट दर्द और मरोड़ की शिकायत अधिक मिल रही है। दूषित भोजन के कारण भी कई बच्चों को पेट संबंधी परेशानी हो रही है। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। ईएनटी सर्जन डॉ. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि मौसम में नमी के कारण गले के संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। रोजाना 50 से 60 मरीज गले में संक्रमण और खराश की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

बुखार में गुनगुने पानी से पोछें शरीर
चिकित्सकों के अनुसार बुखार होने पर शरीर को गुनगुने पानी से पोछा जा सकता है। इससे शरीर का तापमान कम करने में मदद मिलती है। बुखार आने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए।
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चिकित्सक की सलाह
ठंडा पानी पीने और बहुत ठंडी सामग्री खाने से बचें।
मच्छरों से बचाव करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
बुखार आने पर चिकित्सकीय परामर्श लेकर ही दवा लें।
घर में रखी दवाएं और सिरप बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

कोट
जिला अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। जांच की सुविधा भी दी जा रही है। वायरल बुखार के मरीजों में डेंगू, मलेरिया और जेई-एईएस की जांच कराई जा रही है।
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-डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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