बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को इस साल पहली बार खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या के अनुसार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.79 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से छह सेंटीमीटर अधिक है।
जलस्तर बढ़ने के साथ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है। माझा क्षेत्र में कई मकान नदी की जद में आ गए हैं। खतरे को देखते हुए ग्रामीण छप्पर और जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं। उपजाऊ जमीन और फसलें भी नदी में समा रही हैं। दुबौलिया संवाद के अनुसार सरयू का जलस्तर बढ़ने से सुविकाबाबू और आंशिक टेढ़वा गांव में पानी भर गया है। तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों की आवाजाही और दैनिक जरूरतों के लिए दो मोटरबोट लगाई हैं। माझा क्षेत्र में लगातार पानी फैल रहा है।
तटबंध विहीन सतहा, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, श्रीरामपुरवा, दसनंबर, अखनपुर, बरदियालोहार और कुर्मियाना समेत अन्य गांवों की ओर भी पानी बढ़ रहा है। पशुपालक नाव से हरा चारा ला रहे हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी कई स्थानों पर घरों के बिल्कुल करीब पहुंच गई है। इससे कभी भी मकानों के कटान की आशंका बनी हुई है।
उमरिया रिंगबांध के कटान स्थल पर मरम्मत कार्य लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। बाढ़ खंड की टीम बोल्डर, क्रेट, परकोपाइन और जियो बैग में मिट्टी भरकर नदी में लांच करा रही है। कार्य में करीब 100 मजदूर लगाए गए हैं। एक्सईएन दिनेश कुमार, सहायक अभियंता संजय शुक्ल और अवर अभियंता मौके पर कैंप कर निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार रिंगबांध सुरक्षित है और मरम्मत कार्य जारी है।
विक्रमजोत में भी बढ़ा नदी का दबाव
विक्रमजोत। सोमवार को सरयू के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव रहा। सुबह आठ बजे जलस्तर 92.680 मीटर था, जो शाम चार बजे बढ़कर 92.790 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर अधिक है। लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत आसपास के गांवों में नदी के बढ़ते दबाव से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कृषि भूमि के बाद अब आबादी वाले क्षेत्रों की ओर भी नदी का दबाव बढ़ रहा है। ग्रामीण मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने में जुटे हैं।
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महुआपार कला में रात में तेज हुई कटान
कुदरहा। कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण में बसे बैडारी एहतमाली, मईपुर, महुआपार कला और टेंगरिहा राजा समेत कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। महुआपार कला के पास रात में अचानक कटान तेज होने से ग्रामीण सहम गए। नदी धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रही है। कई जगह पानी घरों से सटकर बह रहा है। राजकपूर, रामतेरस, प्रमिला देवी, रमेश, संतराम, सुक्कू, हरिराम और महिपाल समेत कई ग्रामीणों के मकान नदी के बेहद करीब पहुंच गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान इसी तरह जारी रहा तो उनके आशियाने नदी में समा सकते हैं। रात में कटान की आवाज से लोग परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बाढ़ खंड की टीम बचाव कार्य में जुटी है, लेकिन नदी का तेज बहाव चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बचाव कार्य तेज कराने और आबादी को सुरक्षित करने की मांग की है।
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बोले ग्रामीण
सरयू नदी गांव तक पहुंच गई है। घर से सट कर नदी बह रही है। रात को जब परिवार के लोग सोते हैं तो यही डर बना रहता है कि कहीं सरयू की धारा में न समा जाएं।
-राजकपूर, ग्राम मईपुर
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पहला घर सरयू की धारा में समा गया था, अब बड़ी मुश्किल से यह दूसरा घर बनाए हैं। सरयू का पानी अब इसके करीब भी पहुंच गया है। इससे खतरा और बढ़ा है।
-प्रमिला देवी, ग्राम महुआपार कला
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धान फसल तो पहले ही बाढ़ के पानी में डूब गई है। अब सरयू का पानी हमारे घर के करीब पहुंच गया है। कटान के चलते दहशत है। बचाव कार्य हो रहा, पर डर बना है।
-रामतेरस, ग्राम महुआपार
कोट
जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। तटबंधों पर लगातार निगरानी की जा रही है। कटानरोधी कार्य भी कराए जा रहे हैं।
-दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती।