विक्रमजोत के पकड़ी संग्राम गांव में फैल रहा सरयू नदी का पानी
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जिले के दक्षिणांचल से होकर बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 92.66 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान (92.73 मीटर) से महज सात सेंटीमीटर नीचे है। बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आए पानी के कारण नदी उफान पर है, जिससे तटीय गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा गहरा गया है।
दुबौलिया संवाद के अनुसार ब्लॉक के तटबंध और नदी के बीच स्थित सुविका बाबू गांव चारों ओर से पानी से घिरने लगा है। फिलहाल तटबंध से गांव तक जाने वाली पगडंडी ही सुरक्षित बची है। गांव के रामनाथ और देवलाल ने बताया कि गांव की सोती में पानी भरने लगा है। वहीं, टेढ़वा, दो धाराओं के बीच बसे देवारागंगबरार का पुरवा और कुर्मियाना के आसपास भी पानी फैलने लगा है।
उमरिया रिंगबांध के पास नदी का कटान तेज हो गया है। धारा रिंगबांध के करीब पहुंच गई है, जिससे तटबंध की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाढ़ खंड की टीम कटान रोकने के लिए परक्यूपाइन लगवा रही है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर के दायरे में तटबंध पर दबाव बना हुआ है।
बढ़ते जलस्तर से माझा क्षेत्र के पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। उन्हें नाव के सहारे पशुओं के लिए चारा लाना पड़ रहा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के सहायक अभियंता संजय शुक्ल ने बताया कि उमरिया रिंगबांध के पास कटान रोकने के लिए परक्यूपाइन लगाया जा रहा है। फिलहाल जलस्तर स्थिर है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कटान प्रभावित गांवों में बढ़ी दहशत : विक्रमजोत ब्लॉक के तटीय गांवों में भी सरयू का बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर समेत कई गांवों के पास नदी आबादी की ओर बढ़ने लगी है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर में और वृद्धि होने पर बाढ़ और कटान की स्थिति गंभीर हो सकती है।
ग्रामीण रामबरन, राधेश्याम यादव, श्यामलाल और रामकेश ने बताया कि नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों में भय का माहौल पैदा कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से कटान प्रभावित गांवों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ब्रजेश सोनी ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ा है। विभागीय टीमें संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी कर रही हैं और आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं।