बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को भी स्थिर रहा। 24 घंटे से नदी के जलस्तर में कोई बढ़त नहीं हुई है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में काफी राहत महसूस की गई है।
विक्रमजोत में कटान बंद होने से नागरिकों को काफी सुकून मिला है। तटबंध एवं प्रभावित गांवों में बाढ़ से बचाव के कार्य जारी रहे।
दुबौलिया संवाद के अनुसार, केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के मुताबिक, शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 90.180 मीटर पर रिकाॅर्ड किया गया है। जबकि चेतावनी बिंदु 91.730 मीटर पर है।
कार्यस्थल पर पानी नहीं बढ़ने से बाढ़ खंड को मरम्मत कार्य पूरा करने का मौका मिल गया है। इसीलिए गौरा-सैफाबाद तटबंध पर तेजी के साथ बाढ़ परियोजना के प्रस्तावित कार्य कराए जाने लगे हैं।
तटबंध और नदी के बीच बसे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि जलस्तर जब तक नहीं बढ़ेगा उनकी घर-गृहस्थी बची रहेगी। गौरा-सैफाबाद तटबंध के एसडीओ बाढ़ खंड संजय शुक्ल ने बताया कि जलस्तर कल शाम से स्थिर है।
तटबंध पर मरम्मत कार्य जारी है। तटबंध पर हालत सामान्य है। बाढ़ चौकी सक्रिय रखी गई है। तटबंध की निगरानी 24 घंटे की जा रही है।
बहादुरपुर संवाद के अनुसार, मईपुर, माझा कला व खुर्द में भी परियोजना के कार्य में काफी तेजी आई है। मजदूरों की संख्या बढ़ाकर परक्यूपाइन, डैंपनर और स्पर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। ताकि बाढ़ के दौरान इन गांवों को तबाही से सुरक्षित किया जा सके। विक्रमजोत संवाद के अनुसार, दो-तीन दिन से चल रहा कटान रविवार से बंद हो गया है। कटान प्रभावित रानीपुर कठवनियां व केशवपुर गांवों के नागरिकों ने काफी राहत महसूस की है। बाढ़ खंड ने दावा किया है कि लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।