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संपूर्ण समाधान दिवस : न्याय से भटका, कागज में आकर सिमटा

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संपूर्ण समाधान दिवस : न्याय से भटका, कागज में आकर सिमटा
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रामसूरत एक वर्ष से तो भानपुर के मन्नू दे चुके तीन बार आवेदन
दो तहसीलों में 173 मामलों में से मात्र 12 का ही हुआ निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। संपूर्ण समाधान दिवस जिले में कागजी बनकर रह गया है। जिससे वादकारियों के न्याय की उम्मीद टूट रही है। इसकी बानगी हर्रैया में आयोजित तहसील दिवस में कप्तानगंज के चिकनी गांव निवासी राम सूरत गांव की चकनाली खाली कराने के लिए एक वर्ष से प्रार्थना पत्र दे रहा है, मगर अवैध कब्जेदारों से चकनाली खाली नहीं हो पाई है। इसी प्रकार भानपुर तहसील दिवस में भी भगवानपुर गांव के मुन्नू लाल मकान बनवाने के लिए नींव भरवा रहे थे, जिसे रोक दिया गया। उसकी पैमाइश के लिए वह तीन बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिले के इन दोनों तहसीलों में 173 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें से मात्र 12 का निस्तारण हो सका है।
भानपुर प्रतिनिधि के अनुसार संपूर्ण समाधान दिवस मे शनिवार को प्रभारी/सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने लोगों की शिकायतें सुनीं और मामलों का समाधान कराया। कुल दर्ज 67 मामलों में से मात्र पांच का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामले संबंधित विभाग के जिम्मेदारों को सौंप दिए गए। समाधान दिवस की सुनवाई करते हुुए प्रभारी डीएम ने निर्देश दिया कि गांवों में चकरोड की पैमाइश कराते समय राजस्व और पुलिस के साथ विकास विभाग की टीम को भी शामिल किया जाए, जिससे तुंरत ही उस चकरोड को पटवाकर विवाद का पटाक्षेप कराया जा सके।
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हर्रैया प्रतिनिधि के अनुुसार तहसील सभागार में भी करीब एक दर्जन ऐसे फरियादी पहुंचे थे, जो पहले भी कई बार प्रार्थनापत्र लेकर पहुंच चुके हैं, मगर उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमृत पाल कौर की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में कुल 106 मामले आए, जिसमें से सात का ही निस्तारण हो सका।
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यह हैं फरियादी, जिन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका
केस नंबर एक
-परशुरामपुर ब्लॉक के बकसडी गांव निवासी कुमारी देवी दूसरी बार खलिहान से अवैध कब्जा हटाने को लेकर प्रार्थना पत्र देने पहुंची थीं। आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने लेखपाल से सांठगांठ कर खलिहान पर शौचालय का निर्माण कर कब्जा कर लिया है। प्रार्थना पत्र देने के दो महीने बाद भी कब्जा नहीं हटा। लेखपाल पर फर्जी रिपोर्ट देकर अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
केस नंबर दो
छावनी क्षेत्र के चन्द्रपलिया गांव निवासी रामशब्द अपने गाटा के सीमांकन के लिए तीसरी बार समाधान दिवस में पहुंचे थे। बताया कि समाधान दिवस के अलावा कई बार राजस्व अधिकारियों के पास अपनी समस्या लेकर दौड़ता रहा, मगर न्याय नहीं मिल रहा है।
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केस नंबर चार
छावनी के चापिलाव की रहने वाली चिल्हा देवी अपनी जमीन की पैमाइश कराने के लिए दूसरी बार प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची थी। बताया कि इससे पहले भी वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिलकर गुहार लगा चुकी है, मगर मामला निस्तारित नहीं हुआ।
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