‘लोककल्याण के लिए समर्पित था साईं बाबा का जीवन’
बस्ती। साईं बाबा ने पूरी दुनिया को सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया था। उनका कहना था कि सबका मालिक एक है। जाति धर्म के आधार पर भेद फैलाकर समाज को मत बांटिए बल्कि सभी धर्मों जातियों के लोग एकजुट रहें। साईं बाबा का जीवन लोक कल्याण के लिए समर्पित था। यह विचार बाराबंकी से आए साईं सेवक एवं संगीतमयी साईं कथावाचक उमाशंकर महराज ने व्यक्त किया। वह बृहस्पतिवार देर शाम गांधीनगर क्षेत्र स्थित गौरीदत्त धर्मशाला में साईं कृपा संस्थान के संयोजन में आयोजित साईंकथा में भक्तों को कथा का रसपान करा रहे थे।
कथावाचक ने कहा कि आज का वातावरण ऐसा है कि समाज को निजी स्वार्थों की खातिर टुकड़ों में बांटा जा रहा है। कहीं, जाति और धर्म के नाम पर तो कहीं ऊंच-नीच और अमीर-गरीब के नाम पर। साईंबाबा ने जन्म से लेकर जीवन की आखिरी सांस तक दुनिया को अमन चैन का रास्ता दिखाया। लोक कल्याण को समर्पित बाबा का जीवन कभी निजी नहीं रहा। कथा से पहले प्रात: साईं अभिषेक कराया गया, इसके बाद साईं चरित्र पाठ व साईं स्तवन मंतरी पाठ, सर्वमनोकामना सिद्धि महायज्ञ और फिर भव्य पालकी निकाली गई। देर शाम कथा का शुभारंभ हुआ जो रात साढ़े दस बजे तक चलती रही। इसके बाद भक्तों ने विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने में साईं सेवक एवं साईंकृपा संस्थान के संरक्षक महेंद्रनाथ यादव, देवेंद्र श्रीवास्तव, अंकुर वर्मा, राजेश चित्रगुप्त, विनोद कुमार श्रीवास्तव, अविनाश श्रीवास्तव, सर्वेश श्रीवास्तव, अश्वनी अग्रवाल, रमेश कुमार श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, केशरीनंदन पांडेय, डॉ.प्रकाश श्रीवास्तव, अनमोल श्रीवास्तव ‘स्वप्निल’, राजेश श्रीवास्तव, एचपी श्रीवास्तव, जितेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर साईकृपा संस्थान के संयोजक संतकुमार नंदन ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों के प्रति आभार जताया।